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Fact Check: आयुष मंत्रालय के वैज्ञानिक पैनल के कुछ व्यक्ति कोरोना की कथित दवा की स्वीकृति पर लगा रहे हैं रोक? PIB ने बताई इस वायरल खबर की सच्चाई

कोरोना संकट के बीच इंटरनेट पर शेयर की जा रही खबरों के बीच एक ट्विटर पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि आयुष मंत्रालय के वैज्ञानिक पैनल में कुछ लोग कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एक कथित आयुर्वेदिक दवा की स्वीकृति पर रोक लगा रहे हैं. पीआईबी फैक्ट चेक ने इस खबर को फेक बताते हुए कहा है कि आयुष मंत्रालय में वैज्ञानिकों का ऐसा कोई पैनल नहीं है.

Fact Check: आयुष मंत्रालय के वैज्ञानिक पैनल के कुछ व्यक्ति कोरोना की कथित दवा की स्वीकृति पर लगा रहे हैं रोक? PIB ने बताई इस वायरल खबर की सच्चाई
पीआईबी फैक्ट चेक (Photo Credits: PIB)

Fact Check: एक ओर जहां देश में कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के खिलाफ लड़ाई जारी है तो वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर कोविड-19 (COVID-19) से संबंधित फर्जी खबरों (Fake News) और फेक जानकारियों (Fake Information) को व्यापक तौर पर शेयर करने का सिलसिला भी थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोरोना संकट के बीच इंटरनेट पर शेयर की जा रही खबरों के बीच एक ट्विटर पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि आयुष मंत्रालय (AYUSH Ministry) के वैज्ञानिक पैनल में कुछ लोग कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ने के लिए एक कथित आयुर्वेदिक दवा (Ayurvedic medicine) की स्वीकृति पर रोक लगा रहे हैं.

दावा- एक ट्वीट में आरोप लगाया गया है कि आयुष मंत्रालय के वैज्ञानिक पैनल के कुछ व्यक्ति कोरोना वायरस की एक कथित दवाई की स्वीकृति पर रोक लगा रहे हैं. ट्वीट में आयुष मंत्रालय में दवाइयों पर रिसर्च और अप्रूवल देने वाले साइंटिफिक पैनल के टॉप 6 साइंटिस्टों के नाम भी दिए गए हैं. ट्वीट में दावा किया गया है कि तथाकथित वैज्ञानिक पैनल के सदस्य पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurveda) की कोविड-19 दवा कोरोनिल (Coronil) को मंजूरी नहीं दे रहे हैं. प्रेस सूचना ब्यूरो यानी पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) में पता चला कि आयुष मंत्रालय में इस तरह के वैज्ञानिक का कोई पैनल नहीं है, यह खबर फर्जी और भ्रामक है. यह भी पढ़ें: Fact Check: ऑनलाइन काउंसलिंग और PG मेडिकल सीट के आवंटन को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को जारी किया पत्र? जाने इस वायरल खबर की सच्चाई

पीआईबी फैक्ट चेक का ट्वीट-

बता दें कि पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर एक वायरल पोस्ट में दावा किया गया था कि आयुष मंत्रालय ने मुजाहिद हुसैन नाम के अपने एक डॉक्टर को निलंबित कर दिया है. वायरल ट्वीट में कहा गया था कि जिस डॉक्टर को आयुष मंत्रालय ने निलंबित कर दिया है, क्योंकि उन्होंने पतंजलि आयुर्वेद द्वारा लॉन्च की गई कोविड-19 की दवा कोरोनिल की स्वीकृति को रोक दिया था. गौरतलब है कि पीआईबी लगातार लोगों से यह अपील करता आ रहा है कि कोरोना संकट के बीच सोशल मीडिया पर वायरल खबरों की सत्यता की जांच करने के बाद ही उन पर भरोसा करें.

Fact check

Fact Check: आयुष मंत्रालय के वैज्ञानिक पैनल के कुछ व्यक्ति कोरोना की कथित दवा की स्वीकृति पर लगा रहे हैं रोक? PIB ने बताई इस वायरल खबर की सच्चाई
Claim :

आयुष मंत्रालय के वैज्ञानिक पैनल के कुछ व्यक्ति कोरोना की कथित दवा की स्वीकृति पर रोक लगा रहे हैं.

Conclusion :

पीआईबी फैक्ट चेक में ने बताया है कि आयुष मंत्रालय में इस तरह के वैज्ञानिकों का कोई पैनल नहीं है.

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 28, 2020 10:22 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).