त्योहार

World Blood Donor Day 2021: जानिए भारत में रक्तदान के लिए पात्रता, संबंधित प्रक्रिया और अन्य अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरक्षित रक्त और रक्तदान के लिए रक्त की आवश्यकता के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 14 जून को दुनिया भर में विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है. इस दिन का मुख्य उद्देश्य लाखों लोगों की जान बचाने और लगभग हर दिन कई रोगियों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए अवैतनिक और स्वैच्छिक रक्त दाताओं के प्रमुख योगदान को उजागर करना है.

World Blood Donor Day 2021: जानिए भारत में रक्तदान के लिए पात्रता, संबंधित प्रक्रिया और अन्य अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विश्व रक्तदाता दिवस 2021 (Photo Credits: File Image)

सुरक्षित रक्त और रक्तदान के लिए रक्त की आवश्यकता के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 14 जून को दुनिया भर में विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है. इस दिन का मुख्य उद्देश्य लाखों लोगों की जान बचाने और लगभग हर दिन कई रोगियों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए अवैतनिक और स्वैच्छिक रक्त दाताओं के प्रमुख योगदान को उजागर करना है. विश्व रक्तदाता दिवस सरकारी और निजी स्वास्थ्य क्षेत्रों को उचित बुनियादी ढांचे को स्थापित करने और रक्त दाताओं को रक्त संग्रह बढ़ाने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करने का अवसर प्रदान करता है. यह भी पढ़ें: World Blood Donor Day 2021: रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करता है विश्व रक्तदाता दिवस, जानें थीम, इतिहास और महत्व

इस वर्ष विश्व रक्तदान दिवस 14 जून सोमवार यानी आज मनाया जा रहा है. विश्व रक्तदाता दिवस 2021 का नारा "Give blood and keep the world beating" है. यह नारा रक्त दाताओं द्वारा हर दिन कई लोगों की जान बचाने के लिए किए गए प्रमुख योगदान पर प्रकाश डालता है. डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के अनुसार, इस वर्ष के अभियान का विशेष ध्यान सुरक्षित रक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने में युवाओं की भूमिका पर होगा. इटली अपने राष्ट्रीय रक्त केंद्र के माध्यम से विश्व रक्तदाता दिवस 2021 की मेजबानी करेगा. 14 जून 2021 को रोम में ग्लोबल इवेंट होगा. हालांकि, जैसा कि हम सभी जानते हैं कि रक्तदान सबसे अच्छे काम में से एक है. इसलिए अगर आप भी भारत में रहते हैं और रक्तदान करना चाहते हैं तो आपको रक्तदान की प्रक्रिया, पात्रता और अन्य अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के बारे में भी पता होना चाहिए.

आप किस प्रकार के दाता हैं?

स्वैच्छिक गैर-पारिश्रमिक रक्त दाता

राष्ट्रीय रक्त आधान परिषद के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से रक्त, प्लाज्मा या सेलुलर घटकों का दान करता है तो उस व्यक्ति को कोई भुगतान नहीं मिलेगा.

ऑटोलॉगस रक्त दाता

यदि कोई रोगी भविष्य की जरूरतों के लिए अपना रक्त स्वयं के लिए दान करता है तो वह व्यक्ति रक्तदाता के रूप में कार्य कर सकता है. दान वैकल्पिक सर्जरी से पहले किया जा सकता है.

एफेरेसिस डोनर

यदि कोई दाता कोशिका पृथक्करण की प्रक्रिया के माध्यम से अपना केवल एक रक्त घटक दान करता है तो उस व्यक्ति को स्वैच्छिक या प्रतिस्थापन दाता कहा जा सकता है.

भारत में रक्तदान करने की पात्रता:

राष्ट्रीय रक्त आधान परिषद के अनुसार, कोई भी स्वस्थ वयस्क रक्तदान कर सकता है. महिलाएं हर चार महीने में दान कर सकती हैं जबकि पुरुष हर तीन महीने में एक बार सुरक्षित रूप से रक्त दान कर सकते हैं.

रक्तदान की प्रक्रिया:

  • दान के लिए अपनी सहमति देना और फिर पंजीकरण फॉर्म भरना.
  • नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल के अनुसार, रक्तदान से पहले डोनर के मेडिकल हिस्ट्री, तापमान, ब्लड प्रेशर, पल्स और हीमोग्लोबिन की जांच की जाती है.
  • नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल के अनुसार, फ्लेबोटोमिस्ट एक यूनिट (350ml/450ml) रक्त खींचता है और इसमें 10 मिनट से भी कम समय लगता है.
  • फिर दाताओं को तरल पदार्थ या जूस दिया जाता है.
  • इस वर्ष विश्व रक्तदाता दिवस पर बार-बार रक्तदान करने का संकल्प अवश्य लें ताकि आप कम से कम एक व्यक्ति की जान बचा सकें. रक्तदान करना आज के समय में बहुत जरूरी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 14, 2021 10:48 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).