बजट पर राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य मुद्दा बेरोजगारी का था, जिसके लिए कुछ नहीं किया गया.

अप्रत्यक्ष करों में मुकदमेबाजी कम करने के लिए 'सबका विश्वास स्कीम' लाई गयी थी, इस स्कीम के तहत 1,89,000 से अधिक मामलों का निपटान किया गया है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पांच पुरातत्व स्थलों- राखीगढ़ी (हरियाणा), हस्तिनापुर (यूपी), शिवसागर (असम), धौलाविरा (गुजरात) और अदिचनल्लूर (तमिलनाडु) के विकास के लिए 3150 करोड़ रुपये का आवंटन किया.

अपने बजट भाषण के दौरान निर्मला सीतारमण ने कहा कि आधार कार्ड देने पर तुरंत PAN कार्ड बनाने की सुविधा जल्द दी जाएगी.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम को मार्च 2021 तक लागू करने का ऐलान किया है.

निर्मला सीतारमण ने बजट में डीडीटी खत्म करने का प्रस्ताव रखा है. साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को गति देने के लिए निवेश फंड पर 100 फीसदी टैक्स छूट का ऐलान किया है.

5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं, 5 लाख से 7.5 लाख रुपये पर 20 प्रतिशत की दर के मुकाबले केवल 10 प्रतिशत का टैक्स, 7.5 लाख से 10 लाख रुपये की आय पर 20 प्रतिशत की जगह 15 प्रतिशत का टैक्स, 10 से 12.5 लाख रुपये की आय के लिए 30 प्रतिशत की तुलना में 20 प्रतिशत टैक्स, 12.5 लाख से 15 लाख के बीच की आय पर 30 प्रतिशत की तुलना में 25 प्रतिशत टैक्स देना होगा. जबकि 15 लाख रुपये से अधिक आय वालों के लिए टैक्स 30 प्रतिशत होगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नई कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स को 15 फीसदी किया.

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के लिए बड़ी खबर है. सरकार ने एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी को बेचने का ऐलान किया है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2022 में जी-20 की मेजबानी की तैयारी के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए है.

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Budget 2020-21: केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) आज संसद में आम बजट 2019-20 पेश करने वाली है. सुस्त पड़ी आर्थिक परिदृश्य के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला ‘‘फील गुड’’ बजट पेश कर सकतीं हैं. आम जनता की कह्र्च करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए आयकर में कटौती, ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को अधिक प्रोत्साहन और ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं के लिये बजट आवंटन को बढ़ाया जा सकता है.

न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020-21 के लिए केंद्रीय बजट पर इंडियन इंक, अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ कई बैठकें की हैं. प्रधानमंत्री बजट के मद्देनजर व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक योजना की समीक्षा कर रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि वह आलोचना और सुझाव दोनों के लिए तैयार हैं और उम्मीद है कि सरकार सरकार एक बदलाव लाने वाला बजट पेश करने के लिए उत्सुक है. Economic Survey 2020: वित्त मंत्री ने पेश किया 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनने का रोडमैप, ऐसे हासिल होगा जादुई आंकड़ा

पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले कई मुद्दों पर विचार-मंथन कर रहे हैं. उन्होंने उद्योगपतियों और विशेषज्ञों के समूहों के साथ अब तक 12 बैठकें की हैं. बजट-पूर्व का यह अभ्यास शायद सबसे व्यापक परामर्श है, जो मोदी ने पिछले पांच वर्षों में अर्थव्यवस्था पर आयोजित किया है.

उल्लेखनीय है कि बजट से एक दिन पहले मोदी सरकार ने संसद में इकोनॉमिक सर्वे (Economic Survey) की रिपोर्ट जारी की. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस आर्थिक सर्वेक्षण में साल 2020-21 के दौरान जीडीपी ग्रोथ 6 से 6.5 रहने का अनुमान जताया गया है. हालांकि इकोनॉमिक सर्वे में आर्थिक वृद्धि में सुधार के लिए जल्दी बड़े कदम उठाने के सुझाव दिए गए है.