Tamil Nadu: सीएम एमके स्टालिन की बड़ी पहल, संघीय ढांचे को सशक्त करने के लिए राज्यों से अपील
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक महत्वपूर्ण दृष्टिपत्र जारी करते हुए देश के अन्य मुख्यमंत्रियों और राजनीतिक दलों के नेताओं से संघ-राज्य संबंधों पर व्यापक सहयोग की अपील की है. उन्होंने इस पत्र द्वारा संविधान में निहित असली संघीय ढांचे को सुदृढ़ करने का आग्रह किया है.
चेन्नई, 30 अगस्त : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक महत्वपूर्ण दृष्टिपत्र जारी करते हुए देश के अन्य मुख्यमंत्रियों और राजनीतिक दलों के नेताओं से संघ-राज्य संबंधों पर व्यापक सहयोग की अपील की है. उन्होंने इस पत्र द्वारा संविधान में निहित असली संघीय ढांचे को सुदृढ़ करने का आग्रह किया है.
मुख्यमंत्री ने पत्र की शुरुआत करते हुए लिखा कि भारतीय संविधान ने (1935 के इंडियन गवर्नमेंट एक्ट से प्रेरणा लेकर) स्वतः ही एक संघीय संरचना स्थापित की थी, जहां केंद्र और राज्यों के बीच शक्ति का संतुलन बना हुआ था, परन्तु समय के साथ यह संतुलन धीरे-धीरे बिगड़ गया है. उनका कहना है कि मजबूत केंद्र और मजबूत राज्य विरोधी नहीं, बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं. यह भी पढ़ें : पीयूष गोयल ने यूएई के विदेश व्यापार मंत्री का किया स्वागत, निवेश पर हुई चर्चा
उन्होंने वर्ष 1967 में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सीएन अन्नादुरई का उदाहरण देते हुए लिखा कि उनका मानना था कि देश की अखंडता रक्षा के लिए केंद्र को शक्तिशाली होना चाहिए, लेकिन शिक्षा या स्वास्थ्य जैसी जिम्मेदारियां राज्यों को ही निभानी चाहिए. इसके बाद मुख्यमंत्री ने एम. करुणानिधि द्वारा स्थापित 1969 में गठित राजामन्नार समिति (1971 की रिपोर्ट) का उल्लेख किया, जिसे संघ-राज्य संबंधों पर पहला व्यापक अध्ययन माना जाता है. 1974 में तमिलनाडु की विधानसभा ने इस पर आधारित संविधान संशोधन की मांग भी की थी.
उनके मुताबिक, बीते वर्षों में केंद्र से राज्य की शक्तियों का न्यूनीकरण, केंद्रीय नीतियों और वित्तीय निर्भरताओं जैसे मुद्दों ने यह संतुलन खोखला कर दिया है. इन चुनौतियों के मद्देनजर, मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता पूर्व सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ करेंगे. इसमें पूर्व आईएएस अशोक वर्धन शेट्टी और पूर्व राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष प्रो. एम नागनाथन सदस्य होंगे. इस समिति का उद्देश्य है संविधान, मौजूदा कानूनों, नीतियों और आदेशों की समीक्षा करना और जब्त हुई राज्य-शक्तियों को वापस लौटाने के लिए ठोस सुझाव तैयार करना है. प्रारंभिक रिपोर्ट जनवरी 2026 तक और अंतिम रिपोर्ट दो वर्षों में प्रस्तुत की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने इन प्रयासों को राजनीति से ऊपर बताते हुए सभी राज्यों से आग्रह किया है कि वे मानवतावाद और संविधान के मूल स्पिरिट (राज्य स्वायत्तता और केंद्र में संघवाद) को पुनर्जीवित करें. उन्होंने इस दिशा में तमिलनाडु के वेब पोर्टल पर तैयार प्रश्नावली पर सभी राज्यों द्वारा व्यावहारिक और विचारशील प्रतिक्रियाएं देने को कहा है. मुख्यमंत्री स्टालिन का कहना है कि राज्य मजबूत हों तभी राष्ट्र मजबूत होगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 30, 2025 08:41 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

