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SBI की अगुवाई में सरकारी बैंकों ने रचा इतिहास, पहली तिमाही में कमाया 44000 करोड़ से ज्यादा का मुनाफा

सरकारी क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून अवधि) में रिकॉर्ड 44,218 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है. इसमें सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में सरकारी क्षेत्र के 12 बैंकों को संयुक्त रूप से 39,974 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था.

SBI की अगुवाई में सरकारी बैंकों ने रचा इतिहास, पहली तिमाही में कमाया 44000 करोड़ से ज्यादा का मुनाफा
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नई दिल्ली, अगस्त 8 : सरकारी क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून अवधि) में रिकॉर्ड 44,218 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है. इसमें सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में सरकारी क्षेत्र के 12 बैंकों को संयुक्त रूप से 39,974 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था. सरकारी बैंकों को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में हुए मुनाफे सबसे अधिक 19,160 करोड़ रुपए या 43 प्रतिशत का योगदान भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की ओर से दिया गया है.

इसके अलावा, कई छोटे सरकारी बैंक ने शानदार प्रदर्शन किया है. वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में इंडियन ओवरसीज बैंक के मुनाफे में सालाना आधार पर 76 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है, जिससे अप्रैल-जून अवधि में बैंक का मुनाफा बढ़कर 1,111 करोड़ रुपए हो गया है. वहीं, पंजाब एंड सिंध बैंक का मुनाफा सालाना आधार पर 48 प्रतिशत बढ़कर 269 करोड़ रुपए हो गया है. अन्य सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ महाराष्ट्र का मुनाफा 23.2 प्रतिशत बढ़कर 1,593 करोड़ रुपए, इंडियन बैंक का मुनाफा 23.7 प्रतिशत बढ़कर 2,973 करोड़ रुपए और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का 32.8 प्रतिशत बढ़कर 1,169 करोड़ रुपए हो गया है. यह भी पढ़ें : Bihar Elections 2025: कोसी की गोद में बसा रुपौली विधानसभा क्षेत्र, बाढ़, पलायन और बदलते चुनावी समीकरणों की कहानी

वहीं, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) एक मात्र सरकारी बैंक था, जिसका मुनाफा सालाना आधार पर पहली तिमाही में 48 प्रतिशत कम होकर 1,675 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 3,252 करोड़ रुपए था. सरकारी बैंक का मुनाफा सालाना आधार पर बढ़ना, पीएसबी की मजबूती और विकास की ओर से लगातार प्रगति को दिखाता है. बैंकों के मुनाफे में तेज बढ़त की वजह अर्थव्यवस्था का सकारात्मक गति से आगे बढ़ना है. वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी की विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने की संभावना है. वहीं, महंगाई 3.1 प्रतिशत रह सकती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 09, 2025 09:57 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).