दिल्ली में सोमवार की सुबह एक बार फिर लोगों के लिए चुनौती लेकर आई. ठंड बढ़ने के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया, जिससे राजधानी की हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई. कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 450 के पार चला गया और स्थिति सीवियर प्लस श्रेणी में दर्ज की गई. घना कोहरा और जहरीली हवा मिलकर आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक AQI अगर 400 से ऊपर चला जाए तो उसे 'गंभीर' माना जाता है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक ठंडे मौसम में हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे रह जाते हैं, जिससे स्मॉग और गाढ़ा हो जाता है. नतीजन इन दिनों सुबह-सुबह ही दिल्ली की सड़कों पर धुंध की मोटी चादर छा जाती और सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है.
घने कोहरे का अलर्ट, विजिबिलिटी घटी
IMD ने दिल्ली के लिए घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. सुबह के समय कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई, जिससे सड़कों और हाईवे पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई. दफ्तर जाने वाले लोग, स्कूल बसें और लंबी दूरी की गाड़ियां सभी इस खराब मौसम की मार झेलती नजर आईं.
एयरपोर्ट ने जारी की एडवाइजरी
घने कोहरे के चलते दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन को भी यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करनी पड़ी. एयरपोर्ट ने कहा कि कम विजिबिलिटी के कारण उड़ानों में देरी या व्यवधान संभव है. यात्रियों से अपनी फ्लाइट की स्थिति जानने के लिए संबंधित एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी गई है. हालांकि, यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद भी जताया गया.
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
दिल्ली की जहरीली हवा और स्मॉग की तस्वीरें जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आईं, लोगों की नाराजगी भी खुलकर दिखने लगी. एक यूजर ने लिखा कि दिल्ली-एनसीआर में रहना अब गैस चैंबर में रहने जैसा हो गया है. दूसरे ने इसे किसी ‘डूम्सडे फिल्म’ जैसा माहौल बताया. कुछ लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदूषण के कारण अब हर दिन कोई न कोई इवेंट कैंसिल होने की खबर आ जाती है.
प्रशासन पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सीधे तौर पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया. किसी ने सुझाव दिया कि नेताओं को बिना मास्क के प्रदूषण के बीच दौड़ लगानी चाहिए, तभी हालात की गंभीरता समझ आएगी. वहीं कुछ ने कटाक्ष करते हुए कहा कि दिल्ली की हवा अब “मैनेजेबल” कहे जाने लायक भी नहीं बची है.
फिलहाल अधिकारियों की ओर से कोई नया आपात कदम घोषित नहीं किया गया है, लेकिन हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. तापमान में लगातार गिरावट से प्रदूषण से कम होने के आसार नहीं है, सर्दी बढ़ने के साथ प्रदूषण के और गंभीर होने की आशंका है. ऐसे में दिल्लीवासियों के लिए आने वाले दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, जब तक हवा साफ करने के ठोस और असरदार उपाय नहीं किए जाते.












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