क्या लाखों लोगों को नौकरी से निकाल सकते हैं ट्रंप?
अमेरिका में सरकारी सिविल कर्मचारियों की संख्या करीब 23 लाख है.
अमेरिका में सरकारी सिविल कर्मचारियों की संख्या करीब 23 लाख है. राष्ट्रपति ट्रंप इसमें भारी कटौती करना चाहते हैं. लेकिन क्या वे नियम और कानूनों के तहत ऐसा कर पाएंगे?अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने संघीय कर्मचारियों की संख्या में भारी कटौती करने की योजना बनाई है. अमेरिका की कई संघीय एजेंसियों में कर्मचारियों को सामूहिक रूप से बर्खास्त करने की शुरुआत भी हो चुकी है. हालांकि, अमेरिका में कर्मचारियों को भर्ती करने और निकालने से जुड़े नियम-कानून जटिल हैं. ऐसे में ट्रंप की योजना को मुकदमों और देरी का सामना करना पड़ सकता है.
अमेरिका में सरकार के लिए काम करने वाले सिविल कर्मचारियों की संख्या करीब 23 लाख है. ट्रंप ने 11 फरवरी को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें एजेंसियों को कर्मचारियों की संख्या में बड़े स्तर पर कमी लाने और पदों को समाप्त करने के तरीके ढूंढ़ने के निर्देश दिए गए हैं. इसमें यह भी कहा गया है कि एजेंसियां निकाले गए हर चार लोगों के बदले में सिर्फ एक व्यक्ति को भर्ती कर सकती हैं.
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ट्रंप के पास नौकरी छीनने का कितना अधिकार
राष्ट्रपति होने के नाते, ट्रंप के पास संघीय कार्यबल में कमी लाने के व्यापक अधिकार हैं. लेकिन कर्मचारियों को नौकरी से निकालना इतना आसान भी नहीं है. कानूनी रूप से सिविल सेवा के ज्यादातर कर्मचारियों को उनके बुरे प्रदर्शन या बुरे व्यवहार के बाद ही नौकरी से निकाला जा सकता है. मनमाने ढंग से नौकरी छीने जाने पर उनके पास अपील करने का अधिकार होता है.
संघीय एजेंसियां तथाकथित 'बल में कटौती' प्रक्रिया के जरिए कर्मचारियों की संख्या कम कर सकती हैं. लेकिन यह एक जटिल प्रक्रिया हो सकती है क्योंकि इसमें बर्खास्तगी से जुड़े नियम-कानूनों का पालन करना होता है. इस प्रक्रिया में महीनों से लेकर सालभर तक का समय लग सकता है. इसमें कर्मचारियों को नोटिस देना जरूरी होता है और कुछ मामलों में उन्हें दूसरी सरकारी नौकरी में जाने का मौका भी देना होता है. इस प्रक्रिया में कर्मचारियों को निकालने की वैध कानूनी वजह भी बतानी होती है.
कर्मचारियों के पास क्या हैं अधिकार
संघीय कर्मचारी बर्खास्तगी के खिलाफ मेरिट सिस्टम्स प्रोटेक्शन बोर्ड में अपील कर सकते हैं. यह एक स्वतंत्र एजेंसी है, जो सिविल सेवकों की राजनीतिक प्रतिशोध और अन्य अवैध खतरों से सुरक्षा करने वाले कानूनों को लागू करती है. इनका बोर्ड विवादों की सुनवाई के लिए प्रशासनिक जजों को नियुक्त करता है. लेकिन आखिरी फैसला एजेंसी का तीन सदस्यीय बोर्ड ही सुनाता है.
ट्रंप ने इस बोर्ड की अध्यक्ष कैथी हैरिस को उनके पद से हटा दिया है. हैरिस ने इसके खिलाफ मुकदमा दाखिल किया है. उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ प्रदर्शन के आधार पर हटाया जा सकता है. हालांकि, अगर कर्मचारियों के बोर्ड के पास अपील करने के मौके खत्म हो जाते हैं तो वे सीधे वॉशिंगटन स्थित संघीय सर्किट में अपील दाखिल कर सकते हैं.
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कितने कर्मचारी खुद छोड़ रहे नौकरी
ट्रंप के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद उनके प्रशासन ने कर्मचारियों को प्रस्ताव दिया था कि अगर वे अभी नौकरी छोड़ देते हैं तो उन्हें 30 सितंबर तक वेतन और दूसरे लाभ मिलते रहेंगे. ट्रंप के लिए कर्मचारियों की संख्या में कटौती करने का यह सबसे आसान तरीका था क्योंकि इसमें कर्मचारी अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ते.
व्हाइट हाउस के मुताबिक, करीब 75 हजार कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया है. यह कुल कर्मचारियों का करीब तीन फीसदी है. कर्मचारी संगठनों ने इस प्रस्ताव पर रोक लगवाने के लिए अपील भी दायर की थी लेकिन संघीय जज ने प्रस्ताव पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया. हालांकि, 12 फरवरी को इस प्रस्ताव की समय अवधि खत्म हो गई, यानी कर्मचारी अब इसे नहीं चुन सकते हैं.
एएस/वीके (रॉयटर्स)
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 15, 2025 03:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

