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VIDEO: 'जोधा-अकबर की शादी की कहानी झूठी': राजस्थान के राज्यपाल Haribhau Bagde का दावा, इतिहासकारों पर लगाया गंभीर आरोप

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर ऐसा बयान दे दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है.

VIDEO: 'जोधा-अकबर की शादी की कहानी झूठी': राजस्थान के राज्यपाल Haribhau Bagde का दावा, इतिहासकारों पर लगाया गंभीर आरोप
Photo- @RaghuJAT01/X

Jodha Akbar Marriage Controversy: राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर ऐसा बयान दे दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि मुगल शासक अकबर और आमेर की राजकुमारी जोधा बाई की शादी कभी हुई ही नहीं. ये कहानी पूरी तरह से झूठ है और इसका कहीं भी प्रमाण नहीं मिलता. राज्यपाल का कहना है कि आमेर के राजा ने अपनी बेटी नहीं, बल्कि एक दासी को अकबर से ब्याह दिया था. उनका दावा है कि इतिहास में जानबूझकर गलत जानकारियां दी गई हैं और अब नई शिक्षा नीति के जरिए इन गलतियों को सुधारा जा रहा है.

हरिभाऊ बागडे ने ये भी कहा कि इतिहास में महाराणा प्रताप के साथ कभी इंसाफ नहीं हुआ. उन्हें हमेशा कमतर दिखाया गया, जबकि अकबर को जरूरत से ज्यादा महिमामंडित किया गया.

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'अकबर और जोधा की शादी झूठी कहानी'

'जोधा बाई, राजा भारमल की बेटी नहीं थीं'

राज्यपाल ने यह भी कहा कि महाराणा प्रताप ने कभी अकबर से समझौते की कोशिश नहीं की. जो कहा जाता है कि उन्होंने घास की रोटियां खाकर संधि की बात भेजी थी, वो भी झूठ है. महाराणा प्रताप जैसे वीर अपने आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं करते. किताबों में फर्जी कहानियां बार-बार दोहराई जाती रही हैं. बागडे ने ये दावा भी किया कि हर्काबाई उर्फ जोधा बाई, राजा भारमल की बेटी नहीं थीं बल्कि उनकी एक दासी की बेटी थीं, जिसे राजा ने अकबर को पत्नी के रूप में दिया. इतिहासकारों के अनुसार हर्काबाई को अकबर ने ‘मरियम उज्जमानी’ का नाम दिया था और वो उसकी प्रिय पत्नी बनीं.

राज्यपाल ने कहा कि “अकबर की आत्मकथा अकबरनामा में कहीं भी यह नहीं लिखा गया कि उसने आमेर की राजकुमारी से शादी की थी.” उन्होंने इतिहासकारों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतिहास को या तो विदेशियों ने गढ़ा या फिर उन भारतीयों ने जो सच्चाई नहीं बताना चाहते थे.

'असल योद्धाओं के बारे में पढ़ना चाहिए'

बागडे ने कहा कि महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे योद्धाओं के बारे में बच्चों को ज्यादा पढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि वे असली राष्ट्रभक्त थे. अगर महाराणा प्रताप और शिवाजी एक ही समय में होते, तो देश का इतिहास कुछ और ही होता.

राज्यपाल के इन बयानों से नया विवाद खड़ा हो गया है. पहले भी फिल्म ‘जोधा अकबर’ को लेकर इतिहासकारों में मतभेद सामने आ चुके हैं. लेकिन अब जब राज्यपाल खुद इस मुद्दे को उठा रहे हैं, तो बहस और भी तेज हो गई है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 30, 2025 09:32 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).