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Maharashtra FDA Warning: पान मसाला विज्ञापनों पर राष्ट्रपति के बयान का समर्थन करते हुए FDA चीफ तुकाराम मुंढे की फिल्मी सितारों को दो टूक

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों के विज्ञापनों को लेकर बॉलीवुड कलाकारों को सख्त चेतावनी दी है. 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के मंच से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा फिल्मी हस्तियों से हानिकारक उत्पादों के प्रचार से दूर रहने की अपील का पुरजोर समर्थन करते हुए मुंढे ने स्पष्ट किया कि समाज में सितारों का 'प्रभाव' उन्हें कानून से किसी प्रकार की छूट नहीं देता.

Maharashtra FDA Warning: पान मसाला विज्ञापनों पर राष्ट्रपति के बयान का समर्थन करते हुए FDA चीफ तुकाराम मुंढे की फिल्मी सितारों को दो टूक
Maharashtra FDA commissioner Tukaram Mundhe and President Droupadi Murmu (Photo Credits: ANI)

मुंबई: गुटखा और पान मसाला जैसे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह उत्पादों के विज्ञापनों (Surrogate Advertising) को लेकर नियामकीय सख्ती के बीच महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के प्रमुख तुकाराम मुंढे ने फिल्मी सितारों को कड़ा संदेश दिया है.

आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया कि आम जनता और विशेष रूप से युवाओं पर गहरा प्रभाव रखने वाले कलाकारों की यह नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है कि वे जनस्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों का चेहरा न बनें. यह भी पढ़ें: अस्पताल के सामान पर 2,841% तक का मार्जिन, महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने केंद्र से की मूल्य नियंत्रण की मांग

"इन्फ्लुएंस कानून से छूट नहीं": तुकाराम मुंढे का बयान

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संबोधन का हवाला देते हुए तुकाराम मुंढे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:

  • जिम्मेदारी का अहसास: "प्रभाव (Influence) कोई कानूनी छूट (Immunity) नहीं है. अन्य नागरिकों की तरह कलाकारों को भी कानून का सम्मान करना चाहिए और उन उत्पादों, व्यवहारों व आदतों के प्रचार के साथ आने वाली जिम्मेदारी को पहचानना चाहिए जो जनता की पसंद को तय करते हैं."
  • जनस्वास्थ्य सर्वोपरि: उन्होंने आगे कहा, "जब प्रभाव का उपयोग खाद्य उत्पादों के विज्ञापन के लिए किया जाता है, तो जनस्वास्थ्य को बाद का विचार नहीं बनाया जा सकता. महाराष्ट्र में हमने ऐसे विज्ञापनों के लिए कलाकारों को पहले ही नोटिस जारी किए हैं जो व्यापक जनहित में चिंता पैदा करते हैं."
  • एफडीए प्रमुख ने जोर देकर कहा कि सिद्धांत बहुत सीधा है—कानून से ऊपर कोई नहीं है और किसी भी व्यावसायिक हित को सार्वजनिक स्वास्थ्य से बड़ा नहीं माना जा सकता.

प्रभाव प्रतिरक्षा नहीं है, तुकाराम मुंढे कहते हैं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने की थी कलाकारों से खास अपील

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वितरण के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय सिनेमा के दिग्गजों को संबोधित करते हुए यह मुद्दा उठाया था:

  • राष्ट्रपति ने कहा था कि मशहूर अभिनेता और कलाकार समाज और युवाओं के रोल मॉडल होते हैं, और लोग उनकी जीवनशैली का अनुकरण करते हैं.
  • उन्होंने कलाकारों से आग्रह किया था कि वे ऐसे किसी भी उत्पाद या आदत का प्रचार न करें जो नागरिकों के शारीरिक, मानसिक या सामाजिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती हो.
  • राष्ट्रपति ने रेखांकित किया था कि एक सच्चा कलाकार या 'स्टार' वही है जो समाज पर सकारात्मक प्रभाव छोड़े, न कि नकारात्मकता या अस्वास्थ्यकर आदतों को बढ़ावा दे.

शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को जारी हो चुके हैं नोटिस

The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र एफडीए ने हाल ही में राज्य में प्रतिबंधित उत्पादों के प्रचार को लेकर सख्त कदम उठाए थे:

  • विमल इलायची का विज्ञापन: एफडीए ने शीर्ष अभिनेताओं शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को 'विमल इलायची' के विज्ञापनों में दिखने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किए थे.
  • सेरोगेट विज्ञापन का आरोप: नियामकों का कहना है कि यह विज्ञापन मूल रूप से 'विमल पान मसाला' का सेरोगेट प्रचार है, जबकि महाराष्ट्र में तंबाकू और निकोटीन युक्त पान मसाला पूरी तरह प्रतिबंधित है.
  • तुकाराम मुंढे ने पहले भी स्पष्ट किया था कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए की गई है.

FSSAI के तहत ₹10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान

खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत भ्रामक और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह विज्ञापनों पर सख्त कानूनी प्रावधान हैं:

  • धारा 24 और 53: अधिनियम की धारा 24 भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाती है, जबकि धारा 53 के तहत ऐसा करने वाले प्रकाशकों (Publishers) और विज्ञापन में दिखने वाले एंडोर्सर्स (Stars/Endorsers) पर ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
  • केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, किसी उत्पाद का विज्ञापन करने से पहले सेलिब्रिटीज के लिए उचित जांच-पड़ताल (Due Diligence) करना कानूनी रूप से अनिवार्य है.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 24, 2026 03:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).