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MSRTC Diwali Fare: महाराष्ट्र में दिवाली पर नहीं बढ़ेगा एसटी बसों का किराया; 15% बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज, जानें सरकार का

दिवाली के त्योहार से पहले महाराष्ट्र के लाखों बस यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम ने किराए में 15 प्रतिशत मौसमी बढ़ोतरी के प्रस्ताव को पूरी तरह रद्द कर दिया है. निगम प्रशासन ने परिचालन घाटे और त्योहार के दौरान बढ़े खर्चों को संतुलित करने के लिए 1 नवंबर से 15 नवंबर 2026 के बीच किराया बढ़ाने की सिफारिश की थी.

MSRTC Diwali Fare: महाराष्ट्र में दिवाली पर नहीं बढ़ेगा एसटी बसों का किराया; 15% बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज, जानें सरकार का
MSRTC Bus (Representational Image, Photo Credit: Pixabay)

मुंबई: त्योहारी सीजन में घर जाने की तैयारी कर रहे महाराष्ट्र के आम यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) ने इस वर्ष दिवाली के दौरान एसटी बसों के किराए में प्रस्तावित 15 प्रतिशत की मौसमी बढ़ोतरी को लागू न करने का फैसला किया है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने प्रशासन द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि संकट के दौर में जनता की जेब पर बोझ डालना सरकार की नीति नहीं है.

महंगाई और सूखे के हालात को देखते हुए लिया फैसला

पारंपरिक रूप से एमएसआरटीसी हर साल दिवाली के पीक सीजन में परिचालन खर्चों की भरपाई के लिए अस्थाई रूप से टिकट दरों में बढ़ोतरी करती रही है.

  • 1 से 15 नवंबर तक था प्रस्ताव: निगम प्रशासन ने 1 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक के 15 दिनों के लिए किराए में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का मसौदा तैयार किया था.
  • मंत्री का कड़ा रुख: हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री प्रताप सरनाईक ने प्रस्ताव को नामंजूर करते हुए कहा कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसान और महंगाई से जूझ रहे आम परिवार पहले से ही वित्तीय दबाव में हैं.
  • 'आंसू पोंछना सरकार का कर्तव्य': सरनाईक ने कहा, "एसटी भले ही घाटे में चल रही हो, लेकिन संकट के समय आम आदमी की जेब काटने के बजाय उनके आंसू पोंछना सरकार का मुख्य कर्तव्य है. हम जनता पर वित्तीय नुकसान का भार नहीं डालेंगे."

ग्रामीण महाराष्ट्र की जीवनरेखा है 'लालपरी'

परिवहन मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एमएसआरटीसी की लाल बसें (लालपरी) राज्य के दूरदराज के इलाकों को जोड़ने वाला बुनियादी साधन हैं:

  • आम जनता की निर्भरता: ग्रामीण क्षेत्रों के किसान, दिहाड़ी मजदूर, छात्र, छोटे कर्मचारी और वरिष्ठ नागरिक किफायती यात्रा के लिए पूरी तरह एसटी बसों पर ही निर्भर हैं.
  • बजट पर असर: त्योहार के मौके पर किराए में बढ़ोतरी होने से उन परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ जाता, जो साल में एक बार अपनों से मिलने गांव जाते हैं.
  • वैकल्पिक राजस्व की तलाश: मंत्री ने निगम प्रबंधन को निर्देश दिया है कि यात्रियों से घाटे की भरपाई करने के बजाय अन्य वाणिज्यिक और वैकल्पिक माध्यमों से राजस्व जुटाने के रास्ते तलाशे जाएं.

हालिया किराया संशोधनों की पृष्ठभूमि

यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य में पहले से ही बस किराए को लेकर चर्चाएं गर्म थीं:

  • जुलाई में हुई थी बढ़ोतरी: बढ़ती परिचालन लागत और ईंधन की कीमतों को देखते हुए एमएसआरटीसी ने जुलाई 2026 में सामान्य किराए में 56 प्रतिशत की वृद्धि की थी.
  • गणेशोत्सव में भी वापस हुआ था फैसला: इससे पहले गणेशोत्सव के दौरान भी कोंकण जाने वाले यात्रियों के लिए 30 प्रतिशत मौसमी किराया बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई थी, लेकिन कड़े जनविरोध के बाद सरकार को उसे भी वापस लेना पड़ा था.

दिवाली पर किराया न बढ़ाने के इस कदम के बाद अब राज्यभर के लाखों यात्री बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय दबाव के अपनी त्योहारी यात्रा की योजना बना सकेंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 16, 2026 10:34 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).