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Tukaram Mundhe: 'मेरी FDA से कोई बदली नहीं हुई है', ट्रांसफर की चर्चाओं पर कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने दी सफाई

महाराष्ट्र अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने अपने तबादले को लेकर चल रही सभी अटकलों को खारिज कर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे पद पर बने रहेंगे और मिलावट के खिलाफ अभियान जारी रहेगा.

Tukaram Mundhe: 'मेरी FDA से कोई बदली नहीं हुई है', ट्रांसफर की चर्चाओं पर कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने दी सफाई

Tukaram Mundhe: महाराष्ट्र अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने उनके तबादले को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अपने पद पर बने हुए हैं और राज्य में खाद्य सुरक्षा व स्वास्थ्य नियमों को सख्ती से लागू करने का उनका अभियान पहले की तरह जारी रहेगा.

हाल ही में राज्य सरकार द्वारा उन्हें एक उच्चस्तरीय जांच समिति में जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद उनके ट्रांसफर की अफवाहें तेज हो गई थीं.  यह भी पढ़े:  Tukaram Mundhe: नागपुर से मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे का हुआ तबादला, जनता उतरी सड़कों पर, ट्रांसफर रोकने की मांग की

कमिश्नर तुकाराम मुंढे की सफाई

क्यों उड़ी थीं तबादला होने की अफवाहें?

दरअसल, हाल ही में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों की जांच के लिए राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है. इस हाई-प्रोफाइल कमेटी का सचिव (Secretary) वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे को बनाया गया है.

इस नई प्रशासनिक जिम्मेदारी की घोषणा के बाद से ही कयास लगाए जाने लगे थे कि उन्हें एफडीए कमिश्नर के पद से हटा दिया गया है. इन चर्चाओं के तूल पकड़ने के बाद खुद तुकाराम मुंढे ने सामने आकर स्थिति साफ की.

सोशल मीडिया पर दिया स्पष्ट संदेश

तुकाराम मुंढे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर मराठी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पोस्ट कर इन खबरों को सिरे से खारिज किया.

उन्होंने अपने आधिकारिक हैंडल से लिखा, "नहीं, मेरी एफडीए से कोई बदली नहीं हुई है। मैं अन्न एवं औषधि प्रशासन, महाराष्ट्र में आयुक्त के रूप में कार्यरत हूं। भेसळयुक्त अन्न और निकृष्ट औषधियां (मिलावटयुक्त भोजन और घटिया दवाओं) के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी." उनके इस स्पष्टीकरण के बाद तमाम तरह की चर्चाओं पर पूर्णविराम लग गया है.

एमएससी समिति का 60 दिन का कार्यकाल

MPSC सुधार और जांच समिति के सचिव के रूप में तुकाराम मुंढे इस पैनल के अन्य कानूनी व प्रशासनिक विशेषज्ञों (पूर्व मुख्य न्यायाधीश दिलीप भोसले की अध्यक्षता वाली समिति) के साथ मिलकर आगामी 60 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे.

दूसरी ओर, एफडीए प्रमुख के रूप में उनके द्वारा राज्य भर में मिलावटखोरों, बिना लाइसेंस के बिकने वाले तंबाकू उत्पादों और उप-मानक दवाओं के खिलाफ की जा रही कड़ी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 13, 2026 01:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).