Anant Chaturdashi 2026 Messages: अनंत चतुर्दशी पर इन भक्तिमय हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, Facebook Greetings के जरिए दें बप्पा को विदाई
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू हुआ दस दिवसीय गणेशोत्सव 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर गणेश विसर्जन के साथ संपन्न हो रहा है. दस दिनों तक घरों और सार्वजनिक पंडालों में विधि-विधान से पूजन के बाद श्रद्धालु 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारों के साथ विघ्नहर्ता को विदाई दे रहे हैं.
नई दिल्ली: देश भर में श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा दस दिवसीय गणेशोत्सव शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के साथ अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है. भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर गाजे-बाजे के साथ विराजे प्रथम पूज्य भगवान गणेश को आज नम आंखों और गाजे-बाजे के साथ विदाई दी जा रही है.
श्रद्धालु 'गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया' के जयकारों के बीच विभिन्न जलाशयों, नदियों और कृत्रिम कुंडों में प्रतिमाओं का विसर्जन कर रहे हैं. इस विदाई बेला में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—वॉट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भक्तिमय संदेशों और ग्रीटिंग्स के आदान-प्रदान का दौर भी जोरों पर है.
अपनों को भेजें ये भक्तिमय WhatsApp संदेश और शुभकामना कोट्स
अनंत चतुर्दशी और विसर्जन के इस पावन पर्व पर आप अपने मित्रों, परिजनों और शुभचिंतकों को ये संदेश भेजकर शुभकामनाएं दे सकते हैं:





- संदेश 1: "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ!
विघ्नहर्ता आपके जीवन के सभी विघ्नों को हर लें और सुख, शांति व समृद्धि का आशीर्वाद दें।
हैप्पी अनंत चतुर्दशी 2026!"
- संदेश 2: "चलो विदा करें बप्पा को आज,
सदा बना रहे उनका आशीर्वाद।
हर घर में हो खुशियों का वास,
पूर्ण हो हर एक शुभ काज।
अनंत चतुर्दशी की हार्दिक बधाई!"
- संदेश 3: "दस दिनों तक बप्पा ने महकाया हमारा आंगन,
जाते-जाते कर गए हर दुख का निवारण।
भगवान श्रीगणेश आपके जीवन को सफलता से भर दें।
गणेश विसर्जन की मंगलकामनाएं!"
- संदेश 4 (स्टेटस व सोशल मीडिया के लिए): "आंखों में विदाई की नमी और दिल में अगले बरस का इंतजार... अनंत चतुर्दशी पर विघ्नहर्ता भगवान गणेश और भगवान श्रीहरि विष्णु के अनंत स्वरूप का आशीर्वाद आप सभी पर बना रहे। जय श्री गणेश!"
श्रद्धालु इन भक्तिमय संदेशों, तस्वीरों और जीआईएफ (GIF) ग्रीटिंग्स के माध्यम से दूर बैठे अपने प्रियजनों तक उत्सव की खुशियां और बप्पा की विदाई का पावन भाव पहुंचा रहे हैं.
क्यों किया जाता है अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन? जानिए पौराणिक संदर्भ
दस दिनों के गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी पर ही होने के पीछे महाभारत काल से जुड़ी एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा प्रचलित है:
- महाभारत लेखन की कथा: मान्यता के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन महर्षि वेदव्यास ने भगवान गणेश को महाभारत की कथा सुनानी शुरू की थी. भगवान गणेश ने बिना रुके लगातार दस दिनों तक इस महाकाव्य को लिपिबद्ध किया.
- बढ़ गया था शारीरिक तापमान: दसवें दिन जब लेखन कार्य संपन्न हुआ, तो निरंतर परिश्रम के कारण बप्पा के शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ गया था.
- सरोवर में स्नान: महर्षि वेदव्यास ने उनके शरीर को शीतलता प्रदान करने के लिए उन्हें पास के एक पवित्र तालाब में स्नान कराया, जिससे उनका तापमान नियंत्रित हुआ.
- जिस दिन यह स्नान कराया गया था, उस दिन अनंत चतुर्दशी की तिथि थी. इसी परंपरा के आधार पर हर वर्ष गणेशोत्सव के दसवें दिन प्रतिमाओं को जल में विसर्जित किया जाता है.पंडालों से कैलाश वापसी: उत्सव का आध्यात्मिक महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी को बप्पा का आगमन अपने भक्तों के बीच होता है और वे दस दिनों तक उनके आतिथ्य को स्वीकार करते हैं:
- इन दस दिनों में घरों और सार्वजनिक पंडालों में सुबह-शाम आरती, मोदक के भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है.
- अनंत चतुर्दशी के दिन भक्त इस विश्वास के साथ बप्पा को विदा करते हैं कि वे उनके सभी कष्ट, विघ्न और नकारात्मकता को अपने साथ ले जाएंगे तथा परिवार में सुख-समृद्धि का वास रहेगा.
- विसर्जन के साथ ही यह प्रार्थना की जाती है कि अगले वर्ष वे फिर से जल्दी पधारें.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 25, 2026 06:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

