Rahul Gandhi On SIR: 'एंटी-इनकंबेंसी आखिर गायब कैसे हो जाती है?' राहुल गांधी ने एसआईआर प्रक्रिया और EC में असहमति की रिपोर्ट पर उठाए सवाल
दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं और पिछले 50 वर्षों से भारतीय राजनीति को करीब से देखते आए हैं. उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां लंबे समय तक सरकारें बदलती रही हैं, लेकिन अब कुछ राज्यों में एंटी-इनकंबेंसी का असर दिखाई नहीं देता.
Rahul Gandhi Questions SIR Process: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग (EC) पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान दो चुनाव आयुक्तों ने कथित तौर पर विसंगतियों पर आपत्ति जताई थी. राहुल गांधी ने कहा कि भारत की राजनीति में एंटी-इनकंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) हमेशा एक अहम भूमिका निभाती रही है, लेकिन कुछ राज्यों में यह अचानक गायब होती हुई दिखाई देती है.
दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं और पिछले 50 वर्षों से भारतीय राजनीति को करीब से देखते आए हैं. उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां लंबे समय तक सरकारें बदलती रही हैं, लेकिन अब कुछ राज्यों में एंटी-इनकंबेंसी का असर दिखाई नहीं देता.
राहुल गांधी ने एंटी-इनकंबेंसी के 'गायब' होने पर सवाल उठाए और EC में असहमति की रिपोर्ट के बाद SIR को लेकर चिंता जताई:
#WATCH | Delhi: Reacting to Indian Express report on 2 ECs objecting to discrepancies in SIR process, LoP Lok Sabha, Rahul Gandhi says, "I want to put some points across here about what has recently been in the news... I come from a political family, and I have spent more than 50… pic.twitter.com/VnDeKvRXZO
— ANI (@ANI) September 24, 2026
#WATCH | Delhi: Reacting to Indian Express report on 2 ECs objecting to discrepancies in SIR process, LoP Lok Sabha, Rahul Gandhi says, "Haryana swings from one party to another for 50 years. Suddenly anti-incumbency disappears. Maharashtra swings; suddenly it disappears. Uttar… pic.twitter.com/xDiMlJD1Pe
— ANI (@ANI) September 24, 2026
'एंटी-इनकंबेंसी आखिर गायब कैसे हो जाती है?'
राहुल गांधी ने कहा कि भारत में एंटी-इनकंबेंसी एक ऐसी स्वाभाविक राजनीतिक ताकत है, जो समय के साथ हर सरकार के खिलाफ काम करती है. उन्होंने कहा कि यह किसी को भी नहीं छोड़ती. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि 1971 के बांग्लादेश युद्ध के बाद भी उन्हें सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ा था.
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मामले में यह एंटी-इनकंबेंसी क्यों दिखाई नहीं देती. उन्होंने कहा कि किसी नेता की लोकप्रियता और सरकार के प्रदर्शन को समझा जा सकता है, लेकिन यह समझना मुश्किल है कि एंटी-इनकंबेंसी पूरी तरह कैसे खत्म हो जाती है.
SIR प्रक्रिया और वोटिंग सिस्टम पर जताई चिंता
राहुल गांधी ने कहा कि वोट भारतीय संविधान की बुनियाद है और इसी के आधार पर कानून तथा संस्थाएं अस्तित्व में आती हैं. उन्होंने कहा कि अगर वोट की प्रक्रिया प्रभावित होती है तो संविधान भी प्रभावित होता है.
राहुल गांधी के मुताबिक, यह मुद्दा केवल चुनाव प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की उस बुनियादी व्यवस्था से जुड़ा है, जिसके जरिए नागरिक अपनी आवाज व्यक्त करते हैं. उन्होंने दोहराया कि विपक्ष लगातार वोटिंग प्रक्रिया में कथित समस्याओं को लेकर चिंता जताता रहा है.
SIR प्रक्रिया को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया उस मीडिया रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें दावा किया गया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान दो चुनाव आयुक्तों ने कथित विसंगतियों पर आपत्ति दर्ज की थी. SIR के तहत मतदाता सूची का सत्यापन और पुनरीक्षण किया जाता है. इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार और निष्पक्ष तरीके से की जा रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 24, 2026 06:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

