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मन की बात: PM मोदी ने सफलता हासिल करने के लिए छात्रों को दिया यह मंत्र

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में विभिन्न विषयों और मुद्दों पर अपने विचार देशवासियोंके साथ साझा किए. पीएम मोदी का ‘मन की बात’ का यह 46वां संस्करण था. देश के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं से लेकर महापुरुषों तक की मिसाल पेश की.

मन की बात: PM मोदी ने सफलता हासिल करने के लिए छात्रों को दिया यह मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात करते हुए (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में विभिन्न विषयों और मुद्दों पर अपने विचार देशवासियों के साथ साझा किए. पीएम मोदी का ‘मन की बात’ का यह 46वां संस्करण था. देश के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं से लेकर महापुरुषों तक की मिसाल पेश की. इस बार 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर बल दिया. उन्होंने कहा की मेहनत से सब कुछ हासिल करना मुमकिन है.

रेडियो के जरिए प्रसारित होनेवाले कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा “जुलाई वह महीना है जब युवा अपने जीवन के उस नये चरण में क़दम रखते हैं. छात्रों का ध्यान घर से हॉस्टल पर चला जाता है. छात्र अभिभावकों की छाया से प्रोफेसर्स की छाया में आ जाते हैं. मुझे पूरा यकीन है कि मेरा युवा-मित्र कॉलेज जीवन की शुरुआत को लेकर काफी उत्साही और खुश होंगे.”

प्रधानमंत्री ने युवाओं को मन शांत और समझदारी से दोस्त बनाने की अपील की. इसके अलावा उन्होंने छात्रों को मेहनत के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कई उदाहरण पेश किए. पीएम ने कहा, मैंने ब्रेन-ड्रेन को ब्रेन-गेन में बदलने की अपील की थी.

उन्होंने कहा, अनेक छात्रों ने विपरीत परिस्थियों के बावज़ूद अपनी मेहनत और लगन से कुछ ऐसा कर दिखाया है, जो हमें प्रेरणा देता है. मध्यप्रदेश के एक अत्यंत गरीब परिवार से जुड़े एक छात्र आशाराम चौधरी मे जीवन की मुश्किल चुनौतियों को पार करते हुए सफलता हासिल की है. उन्होंने जोधपुर एम्स की एमबीबीएस की परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में सफलता पाई है. उनके पिता कूड़ा बीनकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं. मैं उनकी इस सफलता के लिए उन्हें बधाई देता हूं.

“चाहे वो दिल्ली के प्रिंस कुमार हों, जिनके पिता डीटीसी में बस चालक हैं या फिर कोलकाता के अभय गुप्ता जिन्होंने स्ट्रीट लाइट के नीचे पढ़ाई की. वहीँ रायबरेली के दो आईटी प्रोफेशनल्स, योगेश साहू जी और रजनीश बाजपेयी जी ने मेरी इस चुनौती को स्वीकार करते हुए एक अभिनव प्रयास किया और एक स्मार्ट गांव तैयार किया.”

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2018 11:58 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).