Dhul Hijjah Moon Sighting in Saudi Arabia Today: सऊदी अरब में कब मनाई जाएगी बकरीद? आज देखा जाएगा धुल-हिज्जा का चांद
धुल-हिज्जा की 8वीं तारीख से हज यात्रा शुरू होती है, जो इस वर्ष 4 जून से 9 जून 2025 तक आयोजित होने की संभावना है। बकरीद, इस्लामी कैलेंडर के अनुसार 10वीं तारीख को मनाई जाती है.
Dhul Hijjah Moon Sighting in Saudi Arabia Today: सऊदी अरब में बकरीद कब मनाई जाएगी? आज धुल-हिज्जा का चांद देखने की कोशिश होगी, यदि आज चांद नजर आता है, तो सऊदी अरब में 6 जून 2025 को ईद-अल-अधा (बकरीद) मनाई जाएगी. सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समुदाय से अनुरोध किया है कि वे मंगलवार, 27 मई 2025 को धुल-हिज्जा महीने का चांद देखने की कोशिश करें. यदि आज चांद नजर आता है, तो धुल-हिज्जा का पहला दिन 28 मई को होगा और ईद-अल-अधा (बकरीद) 6 जून 2025 को मनाई जाएगी.
धुल-हिज्जा की 8वीं तारीख से हज यात्रा शुरू होती है, जो इस वर्ष 4 जून से 9 जून 2025 तक आयोजित होने की संभावना है। बकरीद, इस्लामी कैलेंडर के अनुसार 10वीं तारीख को मनाई जाती है. यह भी पढ़े: Bakrieid Mehndi Design: बकरीद पर ये फुल हैंड, बैक हैंड और मंडला मेहंदी डिजाइन हाथों में लगाकर अपनी खूबसूरती में लगाएं चार चांद, देखें पैटर्न
संयुक्त अरब समेत इन देशों में भी आज चांद देखा जाएगा
आज संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान, जॉर्डन, सीरिया, इराक, ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस और कनाडा समेत कई देशों में भी चांद देखने की कोशिश की जाएगी. चांद देखने वालों से अनुरोध किया गया है कि वे निकटतम अदालत में जाकर अपनी गवाही दर्ज कराएं.
सऊदी अरब में बकरीद आमतौर पर ज़ुल-हिज्जा की 10वीं से 12वीं या 13वीं तारीख तक सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाई जाती है. इस दौरान दुम्बा, ऊँट, भेड़ या बकरे की कुर्बानी दी जाती है.
भारत में कल चांद देखने की होगी कोशिश
भारत, पाकिस्तान और मलेशिया जैसे देशों में 28 मई को चांद दिखने की संभावना है, जिससे वहां ईद-अल-अधा 7 या 8 जून 2025 को मनाई जा सकती है.
क्यों दी जाती है कुर्बानी
ईद-अल-अधा की कुर्बानी पैग़ंबर इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की अल्लाह के प्रति वफादारी और आज्ञा पालन की याद दिलाती है. जब इब्राहीम को अपने पुत्र की कुर्बानी देने का आदेश मिला, तो वे तैयार हो गए. लेकिन अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक जानवर भेजा. इसी स्मृति में मुसलमान हर साल जानवर की कुर्बानी देते हैं. यह कुर्बानी अल्लाह की राह में त्याग, भक्ति और सेवा का प्रतीक है. मांस को तीन हिस्सों में बाँटा जाता है—एक गरीबों को, एक रिश्तेदारों को और एक खुद के लिए.
(The above story first appeared on LatestLY on May 27, 2025 11:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

