अन्ना हजारे आज से रालेगण सिद्धि में करेंगे अनशन, कहा- यह किसी पार्टी के खिलाफ नहीं
बता दें कि लोकपाल विधेयक राज्यसभा में 17 दिसंबर, 2013 में पारित हुआ था और लोकसभा में इसे 18 दिसंबर, 2013 को पारित कर दिया गया था. राष्ट्रपति ने एक जनवरी, 2014 को लोकपाल और लोकायुक्त कानून पर अपनी मुहर लगा दी थी
महाराष्ट्र के अहमद नगर जिले स्थित अपने गांव रालेगण सिद्धि (Ralegan Siddhi) में अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने एक बार फिर आज आंदोलन करेंगे. अन्ना हजारे आज सुबह 10 बजे अपना अनशन ( Hunger Strike) शुरू करेंगे. अन्ना ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि लोकपाल (Lokpal Bill) कानून बने 5 साल हो गए लेकिन मोदी सरकार बार-बार बहानेबाजी करती है. इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरा अनशन किसी व्यक्ति, पक्ष या पार्टी के विरुद्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि समाज और देश की भलाई के लिए बार-बार मैं आंदोलन करता आया हूं.
अन्ना हजारे ने इस बार अपने आंदोलन का महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के समय चुना है. अन्ना हजारे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार लोकपाल और लोकायुक्त कानून 2013 को लागू करने को लेकर संवैधानिक संगठनों के निर्णयों पर ध्यान नहीं दे रही है और देश को तानाशाही की ओर ले जाने का प्रयास कर रही है. अन्ना ने कहा कि समाज और देश की भलाई के लिए बार-बार मैं आंदोलन करता आया हूं.
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गौरतलब हो कि 2011-12 में अन्ना हजारे के नेतृत्व में दिल्ली के रामलीला मैदान पर तत्कालीन UPA सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन हुआ था. ऐसा कहा जाता है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के हार के प्रमुख कारणों में अन्ना हजारे का आन्दोलन भी एक रहा है. जिसकी वजह से कांग्रेस पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा. वहीं लोकपाल बिल लागू करने को लेकर अन्ना हजारे जिस तरफ से मोदी सरकार के खिलाफ धमकी दे रहे है. उनके इस धमकी को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि यदि जल्द से जल्द लोकपाल बिल लागू नहीं किया गया तो आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती है.
अन्ना की इस आंदोलन में शामिल शख्स अब देश की सियासत का एक हिस्सा बन चुके हैं, जिनमें अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री और किरण बेदी पुडुचेरी की राज्यपाल नियुक्त हो चुकी हैं. बता दें कि लोकपाल विधेयक राज्यसभा में 17 दिसंबर, 2013 में पारित हुआ था और लोकसभा में इसे 18 दिसंबर, 2013 को पारित कर दिया गया था. राष्ट्रपति ने एक जनवरी, 2014 को लोकपाल और लोकायुक्त कानून पर अपनी मुहर लगा दी थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 30, 2019 08:34 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

