LIC IPO: 4 मई को लॉन्च होगा एलआईसी का आईपीओ, 1 शेयर की होगी इतनी कीमत, इन्हें मिलेगी बंपर छूट- यहां जानें डिटेल्स
LIC IPO: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के आईपीओ का इंतजार जल्द ख़त्म हो रहा है. एलआईसी का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 4 मई को खुलेगा और इसका आकार 21,000 करोड़ रुपये है. जबकि देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी के आईपीओ के लिए कीमत का दायरा 902-949 रुपये प्रति शेयर होगा.
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LIC IPO Details: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के आईपीओ का इंतजार जल्द ख़त्म हो रहा है. एलआईसी का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 4 मई को खुलेगा और इसका आकार 21,000 करोड़ रुपये है. जबकि देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी (Life Insurance Corporation) के आईपीओ (IPO) के लिए कीमत का दायरा 902-949 रुपये प्रति शेयर होगा. एलआईसी में सरकार 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी, एलआईसी आईपीओ से 21000 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद
जानकारी के अनुसार, जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि एलआईसी अपने पॉलिसीधारकों को 60 रुपये की छूट देगी. वहीं खुदरा निवेशकों और कर्मचारियों को 40 रुपये की छूट दी जाएगी. कंपनी का आईपीओ चार मई को खुलकर नौ मई को बंद होगा. एलआईसी ने 2.21 करोड़ शेयर के निर्गम आकार का 10 प्रतिशत अपने पॉलिसीधारकों के लिए आरक्षित रखा है. वहीं कर्मचारियों के लिए 15 लाख शेयर रखे गए हैं. बता दें कि एलआईसी का बाजार मूल्य करीब 6 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है.
एलआईसी आईपीओ में निवेश से पहले इन बातों को जानना बेहद जरूरी-
- LIC IPO 4 मई को खुलेगा और 9 मई को बंद होगा.
- बोलियां 15 शेयरों के लॉट (15 के गुणक) में लगाई जाएगी
- एलआईसी के पॉलिसीधारको को 60 रुपये प्रति इक्विटी शेयर की छूट मिलेगी
- खुदरा निवेशकों और पात्र कर्मचारियों को प्रति इक्विटी शेयर 45 रुपये की छूट मिलेगी
- सरकार को बोली के ऊपरी छोर पर करीब 21,000 करोड़ रुपये मिलेंगे.
- एलआईसी आईपीओ बिक्री पेशकश (ओएफएस) के रूप में है
- इसके जरिए सरकार 22.13 करोड़ शेयर बेचकर एलआईसी में अपनी 3.5% हिस्सेदारी बेचेगी.
उल्लेखनीय है कि सरकार ने फरवरी में ही बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एलआईसी में अपनी 5% हिस्सेदारी या 31.6 करोड़ शेयर बेचने की योजना बनाई थी. सरकार ने इस बारे में सेबी के पास दस्तावेज भी जमा करा दिए थे. हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण शेयर बाजारों में पैदा हुई उठापटक के कारण एलआईसी के आईपीओ को कुछ समय के लिए टाल दिया गया. बदले हुए हालात को देखते हुए ही सरकार को निर्गम का आकार 3.5% पर लाने के लिए मजबूर होना पड़ा है. दरअसल अगर सरकार 12 मई तक आईपीओ नहीं ला पाती तो उसे दिसंबर तिमाही के नतीजे बताते हुए सेबी के पास नए कागजात जमा कराने पड़ते.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2022 03:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

