Goswami Tulsidas Jayanti 2025: हिंदी पंचांग के अनुसार श्रावण शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन पूज्य हिंदू संत, कवि और रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का जन्म हुआ था. इसे तुलसीदास जयंती के रूप में मनाया जाता है. इस दिन उत्तर भारत में रामचरितमानस का भक्ति भाव से पाठ किया जाता है, श्रद्धालु बड़े भक्ति भाव से भगवान राम और हनुमान के मंदिरों में जाते हैं, प्रार्थना करते हैं और दान-पुण्य करते हैं.
तुलसीदास का जन्म 1532 ई. में राजापुर गांव, बांदा के राजापुर गांव के एक ब्राह्मण परिवार आत्माराम दुबे और हुलसी देवी के घर में हुआ था. उनके जन्म के समय वह सामान्य शिशु की तरह रोने के बजाय ‘राम’ शब्द का उच्चारण किया था, जिसके कारण उनका नाम ‘रामबोला’ पड़ा. बचपन में ही माता-पिता का निधन हो जाने से उनका पालन-पोषण एक महिला ने किया था. तुलसीदास ने संस्कृत, हिंदी और वेद-वेदांगों का ज्ञान प्राप्त किया.ये भी पढ़े:Tulsidas Jayanti 2024 Wishes: तुलसीदास जयंती की बधाई! अपनों संग शेयर करें ये हिंदी WhatsApp Stickers, GIF Greetings, HD Images और Wallpapers
उन्होंने रामचरितमानस के अलावा विनय पत्रिका, कवितावली, गीतावली, दोहावली और हनुमान चालीसा जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखे. बताया जाता है कि 1623 में अस्सी घाट बनारस (अब वाराणसी) में ‘राम राम’ कहते हुए उन्होंने अपना शरीर त्याग दिया.तुलसीदास की जयंती के अवसर पर उनके जीवन, काव्य और भक्ति भाव को समर्पित कुछ प्रभावशाली कोट्स और उनके अनमोल विचार यहां दिये जा रहे हैं. आइये इन्हें अपने इष्ट मित्रों को भेजकर तुलसीदास जयंती सेलिब्रेट करें.
तुलसीदास जी के अनमोल विचार
* ‘एक व्यक्ति को वही स्वप्न देखना चाहिए, जो पूरा हो, क्योंकि सपने टूटने या पूरा न होने पर दुख अधिक होता है.
* ‘व्यक्ति को हमेशा परोपकारी रहना चाहिए। जिस तरह से फल आने पर वृक्ष झुक जाता है, बारिश के समय बादल झुक जाते हैं और संपत्ति के समय सज्जन का स्वभाव नम्र होता है.’
* ‘मीठे वचन चारों ओर सुख ही सुख फैलाते हैं। ऐसे वचन किसी को भी अपना बना लेते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को चाहिए कि वह कठोर वचनों को छोड़कर मीठा बोलने का प्रयास करे.’
* ‘धर्म का काम किसी का मत बदलना नहीं, बल्कि मन बदलना है। एक व्यक्ति इसके आधार पर सही रास्ते में चल सकता है.’
गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर प्रभावशाली कोट्स
* ‘इस शुभ अवसर पर, आपको तुलसीदास की शिक्षाओं से प्रेरणा मिले और आपको शांति और सुख का आशीर्वाद मिले.’
* ‘राम नाम की लौ जलाए रखो, अंधकार कितना भी हो, रास्ता अवश्य मिलेगा.’
* ‘तुलसी मीठे बचन ते, सुख उपजत चहुँ ओर;
बसी कृपा जग माहीं, करत न लागत जोर.’
* ‘सच्ची भक्ति वही है, जो अहंकार को मिटा दे और राम को हृदय में बसा दे.’
* ‘जिसका मन राम में रम गया, उसका जीवन कृतार्थ हो गया.’
* ‘रामचरितमानस केवल ग्रंथ नहीं, यह जीवन जीने की कला है.’
* ‘धर्म, प्रेम और मर्यादा के कवि — तुलसीदास, की वाणी कालजयी है.’
* ‘राम की महिमा वही समझे, जिसने तुलसीदास को पढ़ा और महसूस किया हो.’
* ‘साधु के संग रहो, सज्जनों के मार्ग चलो — यही तुलसी का संदेश है.’
* ‘तुलसीदास का ज्ञान आपको धर्म के मार्ग पर ले जाए और आपको ईश्वर के करीब लाए.’
* ‘भगवान राम की दिव्य कृपा आपके जीवन को सुख और ज्ञान से प्रकाशित करें.’
* ‘भक्ति, शक्ति और नीति के अद्वितीय संगम हैं तुलसीदास की वाणी आज भी आत्मा को दिशा देती है.’













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