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Tulsidas Jayanti 2025 Wishes: तुलसीदास जयंती पर इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं

बचपन में तुलसीदास को रामबोला कहकर बुलाया जाता था. महाकवि तुलसीदास जी को लेकर कहा जाता है कि उन्हें भगवान श्रीराम और उनके परमभक्त हनुमान जी ने दर्शन दिए थे. उनकी जयंती का सनातन धर्म में विशेष महत्व बताया जाता है. ऐसे में इस शुभ अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों को तुलसीदास जयंती की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

Tulsidas Jayanti 2025 Wishes: तुलसीदास जयंती पर इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं
तुलसीदास जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

Tulsidas Jayanti 2025 Wishes in Hindi: हर साल सावन मास (Sawan Maas) के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी (Mahakavi Goswami Tulsidas) की जयंती मनाई जाती है, लेकिन ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से इसकी तारीख हर साल बदलती रहती है और इस साल गोस्वामी तुलसीदास जयंती (Goswami Tulsidas Jayanti) 31 जुलाई 2025 को मनाई जा रही है. उनका जन्म संवत 1554 में सावन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के चित्रकूट (Chitrakoot) स्थित राजापुर गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम आत्माराम दुबे और माता का नाम हुलसी था. कहा जाता है कि जन्म के तुरंत बाद रोने के बजाय उनके मुख से राम नाम निकला था. इतना ही नहीं जन्म से ही उनके 32 दांत थे और वो अपनी मां के गर्भ में 12 माह तक रहे थे. महाकवि गोस्वामी तुलसीदास के जन्म के कुछ ही दिन बाद उनकी माता का निधन हो गया, जिसके बाद उन्हें अमंगल समझते हुए उनके पिता ने उनका त्याग कर दिया था.

बचपन में तुलसीदास को रामबोला कहकर बुलाया जाता था. महाकवि तुलसीदास जी को लेकर कहा जाता है कि उन्हें भगवान श्रीराम और उनके परमभक्त हनुमान जी ने दर्शन दिए थे. उनकी जयंती का सनातन धर्म में विशेष महत्व बताया जाता है. ऐसे में इस शुभ अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों को तुलसीदास जयंती की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

1- तुलसीदास की जयंती पर आपको,
और आपके परिवार वालों को बधाई.
तुलसीदास जयंती की शुभकामनाएं

तुलसीदास जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

2- तुलसी मीठे बचन ते सुख उपजत चहुं ओर.
बसीकरन इक मंत्र है परिहरू बचन कठोर.
तुलसीदास जयंती की शुभकामनाएं

तुलसीदास जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

3- धन्य गुरुवर लेखनी, धन्य तुम्हारी करनी,
धन्य है वो देव पिता भी, धन्य तुम्हारी जननी,
जिसको लागा हरी रंग लागा, रंग कोई लागे ना,
रंगी तो बस मन चदरिया, हरी के रंग है रंगनी.
तुलसीदास जयंती की शुभकामनाएं

तुलसीदास जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

4- नमन करू तुम चरणों में, राम चरित के रचेता,
तुलसीदास दोनों कर जोडू, राम ह्रदय विजेता.
तुलसीदास जयंती की शुभकामनाएं

तुलसीदास जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

5- हनुमान चालीसा लिखी, अमर अमिट ये गाथा,
घट में हरी बसे तुम्हरे, मन भक्ति में लागा,
दरस दिए राम लला ने, हनुमत संग बिराजे,
उदय हुआ सुख का सूरज, भाग्य किस्मत जागा.
तुलसीदास जयंती की शुभकामनाएं

तुलसीदास जयंती 2025 (Photo Credits: File Image)

गोस्वामी तुलसीदास को लेकर ऐसा कहा जाता है कि एक बार उनकी पत्नी मायके गई थीं तो तुलसीदास भी उनके पीछे-पीछे वहां पहुंच गए. उन्हें अपने पीछे आते देख उनकी पत्नी क्रोधित हो गईं और उन्होंने गुस्से में कहा कि इस हाड़ मांस के शरीर में तुम्हारी जितनी आसक्ति है, अगर उससे आधी भी भगवान में होती तो तुम्हारा बेड़ा पार हो जाता. अपनी पत्नी की इस बात को सुनकर तुलसीदास दुखी मन से वहां से लौट आए.

ऐसी मान्यता है कि इस घटना के बाद भगवान शिव और माता पार्वती ने उन्हें दर्शन देकर कहा कि तुम आयोध्या लौटकर हिंदी में काव्य की रचना करो, जो सर्वव्यापी होगा. शिव-पार्वती के आदेशानुसार, आयोध्या लौटने के बाद उन्होंने संवत 1631 में रामनवमी के दिन रामचरितमानस की रचना शुरु की, जिसे उन्होंने दो साल सात महीने और 26 दिन से पूरा किया किया. उन्होंने भगवान राम के जन्म से राज्याभिषेक तक की घटनाओं को दोहा, चौपाई और छंद के जरिए रामचरितमानस जैसे महाकाव्य के रूप में लोगों तक पहुंचाया. इसके बाद उन्होंने अपने जीवनकाल में कई ग्रथों और पुस्तकों की भी रचना की.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 30, 2025 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).