Fact Check: क्या इनकम टैक्स बिल 2025 में एलएलपी पर LTCG टैक्स बढ़ाने की बात है...सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दावे को विभाग ने किया खारिज
Credit-(X,@IncomeTaxIndia)

Fact Check: हाल ही में सोशल मीडिया पर इनकम टैक्स को लेकर कुछ मैसेज वायरल हुए है. जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि साल 2025 के इनकम टैक्स के बिल में एलएलपी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स को बढ़ाया जा सकता है.बताया जा रहा है कि यह टैक्स 12.5% से बढ़ाकर 18.5% किया जाएगा, वह भी Alternative Minimum Tax (AMT) के ज़रिए. लेकिन अब इस दावे पर खुद इनकम टैक्स विभाग ने जवाब दिया है, टैक्स बढ़ाने की बात को खारिज किया है.एक चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक खत्री ने X पर लिखा कि नए बिल में LLPs पर LTCG टैक्स बढ़ाया जा सकता है और इसका असर फैमिली ऑफिस, प्रमोटर संस्थाएं और LLP के तहत चल रहे निवेश फंड्स पर पड़ेगा.

वहीं एक अन्य यूज़र ने भी इस खबर को शेयर करते हुए टैक्स व्यवस्था पर नाराज़गी जताई और प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और वित्त मंत्रालय को टैग किया. ये भी पढ़े:ITR Filing 2025: इनकम टैक्स रिफंड पर भी मिलता है ब्याज, जानिए कब और कितना मिलता है?

सीए का कमेंट

इनकम टैक्स विभाग की जानकारी

इनकम टैक्स का स्पष्टीकरण

इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए आयकर विभाग ने खुद X पर एक आधिकारिक बयान जारी किया. विभाग ने कहा कि Income Tax Bill 2025 का उद्देश्य केवल टैक्स कानूनों की भाषा को सरल बनाना और पुराने, अप्रचलित नियमों को हटाना है. इसमें किसी भी प्रकार से टैक्स दरों में बदलाव नहीं किया गया है.इसके अलावा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर बिल के किसी भाग को लेकर भ्रम है, तो उसे संसद में पारित करते समय स्पष्ट कर दिया जाएगा.

AMT को लेकर क्या है हकीकत?

जो दावे AMT यानी Alternative Minimum Tax को लेकर किए जा रहे हैं, उन्हें लेकर भी आयकर विभाग ने स्थिति साफ की. उन्होंने बताया कि AMT का प्रावधान पहले से ही Income Tax Act, 1961 में लागू है और नए बिल में भी वही प्रावधान यथावत रखा गया है. यानी AMT से जुड़ी कोई नई टैक्स दर लागू नहीं की जा रही है.

फर्जी जानकारी और खबरों से रहे सावधान

यह स्पष्ट हो चुका है कि Income Tax Bill 2025 में किसी भी टैक्स रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है.इसलिए सोशल मीडिया पर जो खबरें फैल रही हैं कि LLPs पर LTCG टैक्स बढ़ाया जाएगा, वे पूरी तरह भ्रामक और गलत हैं,करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें.