FACT CHECK: मालदीव में रक्षा मंत्रालय की बिल्डिंग पर लगी PM मोदी की तस्वीर, क्या ऊपर लिखा था 'सरेंडर'? जानिए वायरल दावे का सच
सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि मालदीव में प्रधानमंत्री की तस्वीर पर "Surrender" यानी "समर्पण" लिखा हुआ था.
PM Modi Surrender Text Maldives Photo Fact Check: सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि मालदीव में प्रधानमंत्री की तस्वीर पर "Surrender" यानी "समर्पण" लिखा हुआ था. कई लोगों ने इसे लेकर सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं और भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को धूमिल करने की कोशिश की है. लेकिन जब इस दावे की सच्चाई जांची गई, तो सामने आया कि ये तस्वीर असली नहीं, बल्कि डिजिटल तरीके से एडिट की गई है. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 जुलाई को दो दिवसीय दौरे पर मालदीव गए थे.
इस दौरान उन्होंने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ मिलकर रक्षा मंत्रालय की एक नई इमारत का उद्घाटन किया. इसी मौके पर भारतीय प्रधानमंत्री की तस्वीर उस इमारत पर लगाई गई थी. लेकिन असल फोटो में कहीं भी 'Surrender' शब्द नहीं लिखा था.
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PM मोदी की तस्वीर के ऊपर 'Surrender' लिखा दिखा?
असली तस्वीर को किया गया एडिट
इस वायरल फोटो की जांच में पता चला कि असली तस्वीर को एडिट कर उसमें 'Surrender' शब्द जोड़ा गया है. दरअसल, जिस इमारत की फोटो वायरल हो रही है, वही तस्वीर भारतीय जनता पार्टी की आधिकारिक फेसबुक पोस्ट में भी शेयर की गई थी, लेकिन उसमें ऐसा कोई शब्द नहीं दिखता.
इसके अलावा, मालदीव की राष्ट्रीय रक्षा बल (MNDF) के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल ने भी इसी समारोह की एक और तस्वीर साझा की है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर तो है, लेकिन 'Surrender' जैसा कोई शब्द नहीं लिखा.
PM मोदी की छवि को धूमिल करने की कोशिश
गूगल रिवर्स इमेज सर्च और मालदीव सरकार के आधिकारिक बयानों से भी यह साफ हुआ कि यह कार्यक्रम भारत और मालदीव के बीच दोस्ती का प्रतीक था, न कि किसी अपमान का. इमारत भारत की आर्थिक मदद से बनाई गई है और इसका मकसद मालदीव की रक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है.
यानी यह बात साफ है कि यह तस्वीर जानबूझकर एडिट की गई और सोशल मीडिया पर लोगों को गुमराह करने के लिए फैलाई गई. इसका मकसद प्रधानमंत्री मोदी और भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर दिखाना है. ऐसे मामलों में किसी भी वायरल कंटेंट पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2025 03:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

