पटना में बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड; गंगा फिर खतरे के निशान के करीब, कई जिलों में रेड अलर्ट
पटना में बीते 24 घंटे में 175.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो अब तक की छठी सबसे बड़ी दैनिक वर्षा रही. जुलाई महीने में यह दूसरी सबसे ज्यादा बारिश है. इससे पहले 1967 में 273.5 मिमी बारिश का रिकॉर्ड बना था.
पटना में बीते 24 घंटे में 175.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो अब तक की छठी सबसे बड़ी दैनिक वर्षा रही. जुलाई महीने में यह दूसरी सबसे ज्यादा बारिश है. इससे पहले 1967 में 273.5 मिमी बारिश का रिकॉर्ड बना था. इस मूसलाधार बारिश ने पटना के कई इलाकों को जलमग्न (Flood like Situation Patna) कर दिया है और लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बारिश के साथ-साथ गंगा नदी का जलस्तर भी फिर से तेजी से बढ़ने लगा है. पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 47.86 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 48.60 मीटर है. दीघा घाट पर यह 49.06 मीटर (खतरे का निशान 50.45 मीटर), मनेर में 50.43 मीटर (निशान 52 मीटर) और हाथीदह में 40.88 मीटर (निशान 41.76 मीटर) पर दर्ज किया गया है.
दानापुर में सबसे ज्यादा बारिश
जिले में सबसे ज्यादा बारिश दानापुर में हुई जहां 185.40 मिमी वर्षा दर्ज की गई. वहीं पंडारक में सबसे कम बारिश हुई – सिर्फ 0.80 मिमी. इससे साफ है कि जिले के भीतर भी बारिश की तीव्रता में भारी अंतर रहा.
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने बताया है कि 2 अगस्त से राज्य में फिर से भारी बारिश हो सकती है. इसका कारण है मॉनसून ट्रफ की दिशा में बदलाव और पूर्वी भारत में बनने वाला चक्रवातीय परिसंचरण. यह स्थिति बिहार और आसपास के इलाकों में व्यापक वर्षा ला सकती है, जिसमें कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है.
इन 6 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए छह जिलों सिवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, रोहतास और कैमूर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है.
पटना और दक्षिणी जिलों में गुरुवार व शुक्रवार को करीब 115.5 मिमी बारिश हो सकती है. वहीं, उत्तर बिहार के जिलों में 2 अगस्त से 5 अगस्त तक ऐसी ही स्थिति बनी रहने की संभावना है.
राज्य के अन्य जिलों में भी मानसून सक्रिय
पटना के अलावा गया, मुंगेर, बिक्रमगंज, अरवल, किशनगंज, वैशाली, पूर्णिया, देहरी, सिवान, पुसा और दरभंगा जैसे जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है. इससे फसलों को फायदा मिल सकता है लेकिन अगर बारिश की तीव्रता बढ़ी, तो जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है.
बिहार प्रशासन नदी जलस्तर और बारिश के ट्रेंड पर नजर बनाए हुए है. जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि बाढ़ जैसी स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से हो सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2025 10:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

