India National Cricket Team vs England National Cricket Team: भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम बनाम इंग्लैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम 5 मैचों की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 टेस्ट सीरीज (Test Series) का पांचवां और आखिरी मुकाबला 31 जुलाई (बुधवार) से लंदन(London ) के केनिंग्टन ओवल(Kennington Oval) में खेला जाएगा. केनिंग्टन ओवल, जिसे आमतौर पर "द ओवल" के नाम से जाना जाता है, लंदन, इंग्लैंड में स्थित एक ऐतिहासिक क्रिकेट स्टेडियम है, जिसकी स्थापना 1845 में हुई थी. यह मैदान इंग्लैंड और सरे काउंटी क्रिकेट क्लब का घरेलू मैदान है और इसकी दर्शक क्षमता लगभग 23,500 है. समय के साथ इसे "द एएमपी ओवल", "द फॉस्टर' ओवल" और "द ब्रिट ओवल" जैसे नामों से भी जाना गया है. इस मैदान के दो छोर पवेलियन एंड और वॉक्सहॉल एंड प्रसिद्ध हैं. ओवल ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. क्या जसप्रीत बुमराह खेलेंगे ओवल टेस्ट? जानिए एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के निर्णायक मुकाबले में तेज़ गेंदबाज़ की उपलब्धता की कितनी संभावना
केनिंग्टन ओवल पिच के आंकड़े(Kennington Oval Pitch Stats)
कुल टेस्ट मैच: केनिंग्टन ओवल में अब तक कुल 112 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं. यह आंकड़ा इस मैदान को टेस्ट इतिहास का एक अहम हिस्सा बनाता है. 1845 में स्थापित यह मैदान वर्षों से इंग्लैंड के घरेलू टेस्ट मैचों की मेज़बानी करता आया है और कई ऐतिहासिक मुकाबलों का गवाह बना है.
पहली पारी में बल्लेबाज़ी करते हुए जीते गए मैच: इस मैदान पर अब तक 42 टेस्ट मुकाबले ऐसे रहे हैं जिनमें पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम ने जीत हासिल की है. इसका मतलब है कि अगर पिच की स्थिति को देखते हुए टीम पहले बल्लेबाज़ी करना चुनती है और अच्छी शुरुआत करती है, तो जीत की संभावना बढ़ जाती है.
पहली पारी में गेंदबाज़ी करते हुए जीते गए मैच: केनिंग्टन ओवल में 30 टेस्ट मुकाबले ऐसे भी हुए हैं जिनमें पहले गेंदबाज़ी करने वाली टीम विजयी रही. इसका संकेत यह भी है कि यदि परिस्थितियाँ तेज गेंदबाज़ों के अनुकूल हों, तो टॉस जीतकर गेंदबाज़ी करना एक प्रभावी रणनीति हो सकती है.
पहली पारी का औसत स्कोर: इस मैदान पर पहली पारी में औसतन 338 रन बनते हैं. यह इंगित करता है कि पिच शुरुआत में बल्लेबाज़ों के लिए अनुकूल रहती है और टॉप ऑर्डर को एक मजबूत नींव रखने का अच्छा मौका मिलता है.
दूसरी पारी का औसत स्कोर: दूसरी पारी में यहां का औसत स्कोर 300 रन है. यह दिखाता है कि मैच के दूसरे हिस्से में भी पिच बल्लेबाज़ों को समर्थन देती है, हालांकि गेंदबाज़ों को भी कुछ मदद मिलनी शुरू हो जाती है.
तीसरी पारी का औसत स्कोर: तीसरी पारी में औसतन 237 रन बनते हैं, जो यह दर्शाता है कि जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, पिच धीमी और स्पिन के अनुकूल होती जाती है, जिससे बल्लेबाज़ी कठिन हो जाती है.
चौथी पारी का औसत स्कोर: केनिंग्टन ओवल में चौथी पारी का औसत स्कोर केवल 156 रन है. यह साफ संकेत है कि अंतिम पारी में बल्लेबाज़ी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है. टूटती हुई पिच और दबाव का माहौल टीमों के लिए रन बनाना मुश्किल कर देता है.
अब तक का सर्वोच्च स्कोर: इस मैदान पर टेस्ट में बना अब तक का सर्वोच्च स्कोर 903/7 डिक्लेयर है, जो इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 335.2 ओवर में बनाया था. यह प्रदर्शन बल्लेबाज़ों के लिए स्वर्ग जैसे हालात में खेली गई एक ऐतिहासिक पारी का प्रतीक है.
सबसे न्यूनतम स्कोर: ओवल पर अब तक का सबसे कम स्कोर 44 रन है, जो ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ 26 ओवरों में बनाया था. यह आंकड़ा बताता है कि यदि गेंदबाज़ी में धार हो और पिच में हरकत हो, तो कोई भी टीम ढेर हो सकती है.
केनिंग्टन ओवल की पिच रिकॉर्ड्स(Kennington Oval Pitch Records)
मोस्ट रन: इंग्लैंड के केनिंग्टन ओवल, लंदन में टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की सूची में सर लियोनार्ड हटन (L Hutton) का नाम सबसे ऊपर आता है. उन्होंने 1937 से 1954 के बीच इस मैदान पर कुल 12 टेस्ट मैच खेले, जिनकी 19 पारियों में बल्लेबाज़ी करते हुए उन्होंने 2 बार नाबाद रहते हुए कुल 1521 रन बनाए. इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर 364 रन रहा, जो एक ऐतिहासिक पारी मानी जाती है. उनका बल्लेबाज़ी औसत 89.47 रहा और उन्होंने इस मैदान पर 4 शतक और 5 अर्धशतक जमाए.
बेस्ट बल्लेबाजी फिगर: केनिंग्टन ओवल, लंदन में टेस्ट क्रिकेट का अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर इंग्लैंड के महान बल्लेबाज़ लियोनार्ड हटन (L Hutton) के नाम दर्ज है. उन्होंने 20 अगस्त 1938 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली पारी में 364 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी. इस पारी में उन्होंने 847 गेंदों का सामना करते हुए 35 चौके लगाए और लगभग 797 मिनट तक क्रीज़ पर डटे रहे.
मोस्ट रन: केनिंग्टन ओवल, लंदन में टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर इयान बॉथम (Ian Botham) के नाम है. उन्होंने 1978 से 1991 के बीच इस मैदान पर 11 टेस्ट मैचों की 20 पारियों में 52 विकेट झटके. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6 विकेट 125 रन देकर रहा. इस दौरान उन्होंने कुल 2615 गेंदें फेंकी, 90 मेडन ओवर डाले और 1379 रन दिए, उनका गेंदबाज़ी औसत 26.51, इकोनॉमी 3.16 और स्ट्राइक रेट 50.28 रहा. ओवल में उन्होंने 3 बार चार विकेट, 2 बार पांच विकेट, और 1 बार 10 विकेट भी चटकाए हैं.
बेस्ट गेंदबाजी फिगर: केनिंग्टन ओवल, लंदन में टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी प्रदर्शन इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ डेवोन माल्कम (Devon Malcolm) के नाम दर्ज है. उन्होंने 18 अगस्त 1994 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरी पारी में 16.3 ओवर में 2 मेडन के साथ 57 रन देकर 9 विकेट झटके. इस दौरान उनकी इकोनॉमी रेट 3.45 रही। माल्कम की इस घातक गेंदबाज़ी ने विरोधी टीम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया और यह प्रदर्शन टेस्ट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ स्पैल्स में से एक माना जाता है.













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