Kalki Jayanti 2025 Wishes in Hindi: भगवान शिव (Bhagwan Shiv) के अत्यधिक प्रिय सावन मास (Sawan Maas) में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी (Nag Panchami) का पर्व मनाए जाने के ठीक एक दिन बाद यानि सावन शुक्ल षष्ठी तिथि के दिन कल्कि जयंती (Kalki Jayanti) मनाई जाती है, जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व बताया जाता है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, इस साल 30 जुलाई 2025 को कल्कि जयंती मनाई जा रही है. कल्कि जयंती पर भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) के दसवें अवतार भगवान कल्कि की पूजा-अर्चना की जाती है और यह एकमात्र ऐसा त्योहार है, जिसे भगवान विष्णु के कल्कि अवतार लेने से पहले ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है. प्रचलित पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब धरती पर कलयुग के अंत में पाप और अत्याचार चरम पर पहुंच जाएगा, तब भगवान विष्णु कल्कि अवतार लेकर धरती पर आएंगे.
कहा जाता है कि कल्कि अवतार में श्रीहरि इस संसार से पाप और अत्याचार का अंत करने के लिए दुष्टों का संहार करेंगे, जिसके बाद कलयुग का अंत होगा और सतयुग आरंभ होगा. कल्कि जयंती को श्रीहरि के भक्तों द्वारा हर्षोल्लास से मनाया जाता है और शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान किया जाता है. ऐसे में आप भी इन हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए कल्कि जयंती की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





कल्कि जयंती पर भगवान कल्कि की पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर पीले रंग के वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें. फिर पूजा स्थल पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उस पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद भगवान को दूध, मेवा, फल और फूल अर्पित करें, धूप-दीप प्रज्जवलित करें. पूजन के दौरान श्रीहरि के मंत्र ‘मत्स्यः कूर्मो वराहश्च नारसिंहोऽथ वामनः । रामो रामश्च रामश्च कृष्णः कल्किश्च ते दशः’ का जप अवश्य करें.
ऐसी मान्यता है कि सावन शुक्ल षष्ठी तिथि पर श्रीहरि के दसवें अवतार भगवान कल्कि की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को सुख और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. साथ ही भगवान विष्णु की कृपा से उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन से सारे संकट दूर होते हैं.













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