Kalki Jayanti 2025 Messages in Hindi: इस जगत के पालनहार भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) के अब तक नौ अवतार हो चुके हैं, जबकि उनका कल्कि अवतार अभी होना बाकी है. हिंदू धर्म की प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, श्रीहरि कलयुग के अंत में कल्कि के रूप में दसवां अवतार लेंगे. हालांकि उनके अवतार लेने से पहले ही हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को कल्कि जयंती (Kalki Jayanti) का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, जबकि इस साल 30 जुलाई 2025 को कल्कि जयंती मनाई जा रही है. हिंदू धर्म के कई शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि जब कलयुग में दुनिया में पाप और अधर्म अपनी चरम सीमा पर पहुंच जाएगा, दुनिया का विनाश हो रहा होगा, तब भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) कल्कि का अवतार लेकर धरती पर आएंगे. अपने दसवें अवतार कल्कि के रूप में श्रीहरि पाप और अधर्म का का नाश करके फिर से धर्म की स्थापना करेंगे. वे दुष्टों का संहार करेंगे और इसी के साथ कलयुग का अंत होगा, फिर सतयुग का आरंभ होगा.
कल्कि जयंती पर लोग श्रीहरि और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं. यह पर्व इस विश्वास के साथ जुड़ा हुआ है कि भगवान कल्कि के अवतार से इस संसार में फिर से सत्य, धर्म और न्याय की स्थापना होगी, इसलिए लोग इसे पूरे श्रद्धाभाव से मनाते हैं. ऐसे में इस पावन अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को प्रियजनों संग शेयर करके उनसे शुभ कल्कि जयंती कह सकते हैं.





कल्कि पुराण के अनुसार, श्रीहरि के दसवें अवतार भगवान कल्कि का जन्म कलयुग के अंत में शम्बाला गांव में एक ब्राह्मण परिवार में होगा. उनके माता-पिता का नाम विष्णुयशा और सुमति होगा. इस पुराण में उल्लेख मिलता है कि जब कल्कि बड़े होकर एक प्रशिक्षित योद्धा बनेंगे, तो वे धधकती तलवार लिए देवदत्त नामक दिव्य श्वेत घोड़े पर सवार होंगे.
उनके साथ शुक नाम का बोलने वाला एक तोता होगा, जो भूत, वर्तमान और भविष्य के बारे में जानता होगा. कल्कि दुष्ट राज्यों और असुरों से लड़ने के लिए दुनियाभर में जाएंगे. उनके पास प्राणियों को नियंत्रित करने और उन्हें अधर्म करने से रोकने के लिए अद्भुव व दिव्य शक्तियां होंगी. वे पाप और अधर्म के साथ-साथ दुष्टों का संहार करने के बाद धर्म की फिर से स्थापना करेंगे और वैकुंठ लौट जाएंगे.













QuickLY