भारत को मिला पहला राफेल लड़ाकू विमान, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह रहे मौजूद, देखें तस्वीरें
गौरतलब हो कि भारत ने करीब 59 हजार करोड़ रुपये मूल्य पर 36 राफेल लड़ाकू जेट विमान खरीदने के लिए सितंबर, 2016 में फ्रांस के साथ अंतर-सरकारी समझौता किया था. यह विमान बड़ी मात्रा में शक्तिशाली हथियार और मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं. दरअसल, साल 2014 में जब मोदी सरकार सत्ता में आई तो उन्होंने वायुसेना को और ताकतवर बनाने की दिशा में काम किया और 2016 में फ्रांस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने राफेल डील साइन किया था, जिसके बाद अब भारत को पहला राफेल विमान मिल गया है. चार विमानों का पहला खेप अगले साल मई तक ही भारत आएगा.
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) पेरिस (Paris) में फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैंक्रो से मुलाकात की. राजनाथ सिंह और एमनुएल मैक्रों की ये बैठक करीब 35 मिनट तक चली. भारत को मिलने वाले पहले राफेल लड़ाकू विमान की तस्वीरें सामने आ गयी है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह फ्रांसीसी सैन्य विमान में पेरिस से मेरिनाक पहुंचे. दसॉ के साथ हुए सौदे की पहली खेप में भारत विजयादशमी के मौके पर 36 राफेल विमान किया. राफेल विमान में उड़ान भी भरेंगे और इसी के साथ ही वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ गई है. इन नए राफेल अंबाला एयरबेस और पश्चिम बंगाल के हाशीमारा बेस पर पर तैनात होंगे.
बता दें कि राफेल 4.5वीं पीढ़ी का विमान है जिसमें राडार से बच निकलने की युक्ति है. इससे भारतीय वायुसेना (IAF) में आमूलचूल बदलाव होगा क्योंकि वायुसेना के पास अब तक के विमान मिराज-2000 और सुखोई-30 एमकेआई या तो तीसरी पीढ़ी या चौथी पीढ़ी के विमान हैं.
भारत को मिला पहला लड़ाकू विमान राफेल, देखें तस्वीरें-
Mérignac(France): Defence Minister Rajnath Singh to take a sortie in the Rafale combat aircraft, shortly pic.twitter.com/jS9mhYbYtQ
— ANI (@ANI) October 8, 2019
वहीं पाकिस्तान के पास मल्टी रोल विमान एफ-16 है. लेकिन वह वैसा ही है जैसा भारत का मिराज-2000 है. पाकिस्तान के पास राफेल जैसा कोई विमान नहीं है. मिराज का उन्नत रूप और सुखोई 30 विमान चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान हो सकता है.
#WATCH France: Defence Minister Rajnath Singh on-board a French military aircraft in Paris. He is travelling in the aircraft from Paris to Mérignac to receive the first Rafale combat aircraft. pic.twitter.com/FSGwZjjiCA
— ANI (@ANI) October 8, 2019
देश में विकसित हल्के लड़ाकू विमान तेजस को भी विज्ञान और प्रौद्योगिक के मामले में चौथी पीढ़ी की श्रेणी में रखा जा सकता है लेकिन तुलना की दृष्टि से यह काफी छोटा विमान है. फ्रांस, मिस्र और कतर के बाद भारत चौथा देश होगा जिसके आकाश में राफेल विमान उड़ान भरेगा. लेकिन राफेल की तुलना चीन के जे-20 से नहीं की जा सकती है. चीन द्वारा घरेलू तकनीक से विकसित यह पांचवीं पीढ़ी का विमान है.
France: Defence Minister Rajnath Singh and President of France, Emmanuel Macron held a meeting in Paris today. pic.twitter.com/Myd5smzTRI
— ANI (@ANI) October 8, 2019
गौरतलब हो कि भारत ने करीब 59 हजार करोड़ रुपये मूल्य पर 36 राफेल लड़ाकू जेट विमान खरीदने के लिए सितंबर, 2016 में फ्रांस के साथ अंतर-सरकारी समझौता किया था. यह विमान बड़ी मात्रा में शक्तिशाली हथियार और मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं. दरअसल, साल 2014 में जब मोदी सरकार सत्ता में आई तो उन्होंने वायुसेना को और ताकतवर बनाने की दिशा में काम किया और 2016 में फ्रांस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने राफेल डील साइन किया था, जिसके बाद अब भारत को पहला राफेल विमान मिल गया है. चार विमानों का पहला खेप अगले साल मई तक ही भारत आएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 08, 2019 05:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

