Manipur Violence: न्यायालय ने प्रार्थना स्थलों की सुरक्षा के लिए उठाए कदमों की जानकारी देने को कहा
उच्चतम न्यायालय ने मणिपुर सरकार को अदालत द्वारा नियुक्त समिति को राज्य में सार्वजनिक प्रार्थना स्थलों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने का शुक्रवार को निर्देश दिया. मणिपुर में मई में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 170 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
नयी दिल्ली, 15 दिसंबर : उच्चतम न्यायालय ने मणिपुर सरकार को अदालत द्वारा नियुक्त समिति को राज्य में सार्वजनिक प्रार्थना स्थलों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने का शुक्रवार को निर्देश दिया. मणिपुर में मई में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 170 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रार्थना स्थलों के जीर्णोद्धार के मुद्दे पर विचार करते हुए कहा कि राज्य सरकार हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त किए गए धार्मिक स्थलों की पहचान करने के बाद एक व्यापक सूची दो सप्ताह के भीतर समिति को सौंपे.
पीठ में न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल रहे. पीठ ने स्पष्ट किया कि ऐसी संरचनाओं की पहचान में सभी धार्मिक स्थल शामिल होंगे. उसने कहा, ‘‘मणिपुर सरकार समिति को सार्वजनिक प्रार्थना स्थलों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताएं.’’ उच्चतम न्यायालय ने समिति को मई के बाद से हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त या नष्ट किए गए सार्वजनिक प्रार्थना स्थलों के जीर्णोद्धार समेत कई कदमों पर एक व्यापक प्रस्ताव तैयार करने की भी अनुमति दे दी है. यह भी पढ़ें : Bihar: पटना में दिनदहाड़े मर्डर, दानापुर कोर्ट में पेशी के लिए लाए गए कैदी की गोली मारकर हत्या; देखें VIDEO
न्यायालय कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है जिनमें हिंसा के मामलों की जांच अदालत की निगरानी में कराने के अलावा राहत एवं पुनर्वास के लिए उठाए कदमों के बारे में बताने का अनुरोध किया गया है. उसने न्यायूमर्ति (सेवानिवृत्त) गीता मित्तल की अध्यक्षता में उच्च न्यायालय की पूर्व महिला न्यायाधीशों की एक समिति नियुक्त की थी. इसमें न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) शालिनी पी. जोशी और न्यायमूर्ति आशा मेनन भी शामिल हैं. मणिपुर में गैर-आदिवासी मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने पर विचार करने का राज्य सरकार को निर्देश देने वाले उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद मई में हिंसा भड़क गयी थी. इस हिंसा में 170 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों अन्य घायल हो गए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 15, 2023 03:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

