मारियुपोल पर सेना एवं खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया: जेलेंस्की
जेलेंस्की ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए रात में जारी एक वीडियो में कहा, ‘‘बैठक संबंधी विस्तृत जानकारी को अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, लेकिन हम लोगों की जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं.
जेलेंस्की ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए रात में जारी एक वीडियो में कहा, ‘‘बैठक संबंधी विस्तृत जानकारी को अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, लेकिन हम लोगों की जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं.’’ उन्होंने कहा कि खेरसोन और जापोरिझझिया के आस-पास के इलाकों पर कब्जा कर चुके रूसी बल दक्षिणी यूक्रेन में हर जगह असैन्य नागरिकों को आतंकित कर रहे हैं और सेना या सरकार की सेवा करने वाले हर व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं. जेलेंस्की ने कहा, ‘‘आक्रमणकारियों को लगता है कि इससे उनके लिए क्षेत्र पर कब्जा करना आसान हो जाएगा, लेकिन वे बहुत गलत हैं. वे स्वयं को मूर्ख बना रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आक्रमणकारियों की समस्या यह नहीं है कि उसे कुछ कार्यकर्ता, सेवानिवृत्त सैनिक या पत्रकार स्वीकार नहीं कर रहे. रूस की समस्या यह है कि उसे यूक्रेन का कोई भी व्यक्ति स्वीकार नहीं कर रहा और न ही कभी उन्हें स्वीकार करेगा. रूस ने यूक्रेन को सदा के लिए खो दिया.’’
अन्य घटनाक्रम:
अटलांटा- अमेरिका की ‘सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी’ के निदेशक विलियम बर्न्स ने कहा कि कोई भी इस खतरे को ‘‘हल्के में नहीं ले’’ सकता कि रूस सामरिक या कम-क्षमता वाले परमाणु हथियारों का उपयोग कर सकता है, लेकिन उन्होंने ऐसा कोई ‘‘व्यावहारिक सबूत’’ नहीं देखा है जो यह दर्शाता हो कि यह खतरा निकट है. बर्न्स ने ‘जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ में बृहस्पतिवार को कहा कि यूक्रेन में अपनी जीत को दिखाने के लिए रूसी नेताओं की ‘‘संभावित हताशा’’ परमाणु हथियारों के उपयोग के जोखिम को बढ़ाती है. रोम- यूक्रेन में युद्ध का असर रोम के कोलोसियम में ‘गुड फ्राइडे’ के पारंपरिक जुलूस पर भी दिखा, जहां वेटिकन ने क्रॉस (सलीब) थामने वाले व्यक्ति के रूप में रूस की एक महिला को चुना, जिससे यूक्रेनी नाराज हो गए. वेटिकन ने इस विरोध का कोई जवाब नहीं दिया. बहरहाल, पोप फ्रांसिस ने 24 फरवरी के आक्रमण और यूक्रेन पर हुए हमलों की निंदा करते हुए इसे ‘‘अनुचित’’ बताया था, लेकिन हमलावर के रूप में रूस का नाम नहीं लिया था.
बेलग्रेड, सर्बिया- रूस के समर्थन में सैकड़ों प्रदर्शनकारी एक दक्षिणपंथी सभा में शामिल हुए. इस सभा में लोगों ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तस्वीरें थाम रखी थीं और ऐसी टी-शर्ट पहन रखी थीं, जिन पर ‘जेड’ अक्षर छपा था. ‘जेड’ यूक्रेन पर रूसी आक्रमण का प्रतीक बन गया है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से रूस के निष्कासन के समर्थन में पिछले सप्ताह सर्बिया के वोट का विरोध करने के लिए मध्य बेलग्रेड में शुक्रवार को रैली निकाली गई. सर्बिया यूरोप का एकमात्र ऐसा देश है, जिसने रूस पर प्रतिबंध नहीं लगाए हैं. सर्बिया के कई लोग अब भी रूस के प्रति निष्ठा बनाए हुए हैं. उनका मानना है कि पश्चिमी देशों ने रूस को हमला करने के लिए उकसाया. खारकीव क्षेत्र के गवर्नर ने कहा कि शहर के पड़ोस में एक आवासीय इलाके में गोलेबारी में सात माह के एक बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई. ओलेह सिनेहुबोव ने एक ‘टेलीग्राम’ पोस्ट में शुक्रवार को कहा कि 34 अन्य लोग घायल हुए हैं. यूक्रेन पर रूसी हमले के दौरान खारकीव में भारी गोलाबारी और रॉकेट हमले किए गए हैं. यह भी पढ़ें : Pakistan: इमरान खान ने गतिरोध तोड़ने के लिए सेना से संपर्क नहीं किया था- पीटीआई नेता
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उनके देश का मानना है कि उत्तरी काला सागर में बृहस्पतिवार को डूबा रूस का मिसाइल वाहक युद्धपोत यूक्रेन द्वारा दागी गई एक पोत-रोधी मिसाइल का निशाना बना था. कीव सरकार ने भी युद्धपोत पर मिसाइल हमले का दावा किया है. पेंटागन के अधिकारियों ने पहले कहा था कि वे यूक्रेन के दावे की पुष्टि नहीं कर सकते, लेकिन उन्होंने इसे खारिज भी नहीं किया था. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर खुफिया जानकारी साझा की और कहा कि मोस्क्वा पर बुधवार को कम से कम एक, संभवत: दो मिसाइलें गिरी थीं, जिससे उसमें आग लगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 16, 2022 10:35 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

