Fact Check: क्या एशिया कप के बाद कोचिंग स्टाफ से मोर्ने मोर्कल और रायन टेन डोस्चेट को हटाएगा BCCI? जानिए क्या हैं वायरल रिपोर्ट की पूरी सच्चाई
भारतीय टेस्ट टीम के लगातार खराब प्रदर्शन ने बीसीसीआई को कोचिंग स्टाफ पर सख्त निर्णय लेने के लिए मजबूर कर दिया है. हाल ही में टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 0-3 की शर्मनाक हार झेली, जो इतिहास में पहली बार हुआ. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में 1-3 की हार ने स्थितियों को और बिगाड़ दिया.
Fact Check: भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम(Indian National Cricket Team) के कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव की खबरें तेज़ हो गई हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(BCCI) एशिया कप 2025 के बाद गेंदबाज़ी कोच मोर्ने मोर्कल और सहायक कोच रायन टेन डोस्चेट को हटाने की तैयारी में है. हालांकि, इस खबर की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई का रवैया इन दोनों कोचों के प्रदर्शन को लेकर बेहद नाखुश है. दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल को गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद भारतीय टीम के गेंदबाज़ी कोच के रूप में नियुक्त किया गया था. लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान कोई भी तेज गेंदबाज लगातार प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर सका. गौतम गंभीर और ओवल पिच क्यूरेटर में तीखी नोकझोंक, IND बनाम ENG 5वें टेस्ट से पहले भड़के टीम इंडिया कोच, देखें वीडियो
एक बड़ी विवादास्पद घटना मैनचेस्टर टेस्ट में देखने को मिली, जब मोर्कल ने अनुभवी प्रसिद्ध कृष्णा की जगह डेब्यू कर रहे अंशुल काम्बोज को टीम में शामिल कराया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंशुल फिट नहीं थे, उनकी गेंदबाज़ी रफ्तार प्रभावित थी और इसका खामियाज़ा भारत को मैच में भुगतना पड़ा. यही फैसला मोर्कल की संभावित छुट्टी का कारण बना माना जा रहा है.
रायन टेन डोस्चेट की भूमिका पर भी सवाल
गौतम गंभीर के कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में कप्तानी के समय से करीबी माने जाने वाले रायन टेन डोस्चेट भी अब सवालों के घेरे में हैं. वो पहले केकेआर के फील्डिंग कोच थे और बाद में टीम इंडिया के सहायक कोच बने. लेकिन वर्तमान में टीम के फील्डिंग कोच टी. दिलीप ही मुख्य ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं, जिससे डोस्चेट की उपयोगिता पर बीसीसीआई को संदेह है.
टेस्ट क्रिकेट में भारत का गिरता ग्राफ बना मुख्य वजह
भारतीय टेस्ट टीम के लगातार खराब प्रदर्शन ने बीसीसीआई को कोचिंग स्टाफ पर सख्त निर्णय लेने के लिए मजबूर कर दिया है. हाल ही में टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 0-3 की शर्मनाक हार झेली, जो इतिहास में पहली बार हुआ. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में 1-3 की हार ने स्थितियों को और बिगाड़ दिया. अब एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 में भी भारत के प्रदर्शन में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है, जिससे बीसीसीआई का असंतोष और गहरा हो गया है. इन लगातार निराशाजनक नतीजों ने गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल और सहायक कोच रयान टेन डेस्काटे की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ये नतीजे बीसीसीआई के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं और कोचिंग स्टाफ के कई सदस्यों की भूमिका पर पुनर्विचार किया जा रहा है.
गंभीर फिलहाल सुरक्षित, लेकिन चयन समिति पर भी निगरानी
गौतम गंभीर, जिन्हें हाल ही में मुख्य कोच बनाया गया है, फिलहाल बीसीसीआई के रडार से बाहर हैं। बोर्ड फिलहाल स्थायित्व बनाए रखना चाहता है और किसी बड़े बदलाव से बच रहा है. लेकिन चयन समिति के अध्यक्ष अजित आगरकर और सदस्य शिव सुंदर दास के प्रदर्शन की भी समीक्षा की जा रही है. ऐसे में इनकी भी भूमिका पर खतरा मंडरा रहा है.
फैक्ट चेक स्थिति:
- यह खबर बीसीसीआई द्वारा अभी तक सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है.
- यह विश्वसनीय सूत्रों पर आधारित रिपोर्ट है, आधिकारिक जानकारी आने तक इसे संभावित बदलाव के रूप में देखा जाना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2025 04:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

