नयी दिल्ली, 29 जुलाई दिल्ली के करोल बाग इलाके से संचालित एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है, जो नामी अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल कंपनियों के ब्रांड नाम से गाड़ियों के नकली पुर्जे बना रहा था और बेच रहा था। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 26 जुलाई को करोल बाग इलाके में चार अलग-अलग परिसरों पर छापे मारे गए, जिसमें लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के नकली पुर्जे और 19 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी जब्त की गई।
अधिकारी ने बताया कि कथित सरगना धीरज सिंह (38) समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इस गिरोह ने घटिया गुणवत्ता के पुर्जे सस्ते दामों पर असत्यापित विनिर्माताओं से खरीदे, फिर उनकी नकली ब्रांडिंग करते हुए उन्हें दोबारा पैक किया, और दिल्ली-एनसीआर में बेच दिया। वे ये कहकर लोगों को धोखा देते थे कि ये पुर्जे असली कंपनियों के बचे हुए हैं या निर्यात का अस्वीकृत माल है।
पुलिस ने बताया कि अधिकांश लेन-देन नकदी में तथा अज्ञात यूपीआई खातों के माध्यम से किए गए, तथा पकड़े जाने से बचने के लिए फर्जी बिलों का इस्तेमाल किया गया।
उसने बताया कि कुछ मामलों में, गिरोह ने असली पुर्जों की आड़ में नकली पुर्जे बेचने के लिए ऑनलाइन बाजारों और वर्गीकृत विज्ञापनों का भी इस्तेमाल किया।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आदित्य गौतम ने कहा, "जब्त की गई सामग्री में एक लाख से अधिक नकली पुर्जे हैं, जिनमें ब्रेक पैड, फिल्टर, क्लच प्लेट और स्पार्क प्लग शामिल हैं। साथ ही नकली ब्रांडेड इंजन ऑयल की 200 बोतलें, जाली पैकेजिंग, स्टिकर, होलोग्राम, प्रिंटिंग उपकरण और 19 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।"
पुलिस ने बताया कि इस अभियान में करोल बाग के नाई वालान, गुरु नानक मार्केट, सुभाष मोहल्ला और पूषा लेन स्थित चार संपत्तियों को निशाना बनाया गया।
पुलिस ने बताया कि 27 जुलाई को अपराध शाखा थाने में कॉपीराइट अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि गिरोह से जुड़े आपूर्तिकर्ताओं, खरीदारों और वित्तपोषकों के व्यापक नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
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