Fact Check: 'आप लोग गरीब ही रहे, घर में जो भी खाना हो वह खाओं और जिंदा रहो.. पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी के इस वीडियो की जाने सच्चाई
Credit-(X )

Fact Check: रोजाना सोशल मीडिया पर कई वीडियो और वीडियो क्लिप गलत और फेक दावों के साथ वायरल की जाती है. लेकिन जब इसकी जांच पड़ताल की जाती है तो ये पूरी तरह एडिटेड होता है. राजनेता, सीएम, पीएम मंत्री इन लोगों की छवि बिगाड़ने के लिए इस तरह के एडिटेड वीडियो को वायरल किया जाता है. अभी सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. जिसमें दावा किया गया है की लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से गरीब रहने की अपील की है. लेकिन ये दावा पूरी तरह से गलत है और इस वीडियो को तोड़ मरोड़कर और एडिट करके सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है.

इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर फेक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है. ये भी पढ़े:Mamata Banerjee Digha Beach: दीघा बीच पर ममता बनर्जी और बंदर की ‘बॉन्डिंग’, सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें!

सीएम ममता बनर्जी का ऑल्टर्ड वीडियो

वायरल हो रहे दावे में कितना है दम?

वीडियो को कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने यह कहते हुए पोस्ट किया कि ममता ने जनता को अपने हालात में ही जीने की सलाह दी . जैसे कि 'घर में जो है, वही खाओ और ज़िंदा रहो. इस बयान को लेकर विपक्षी गुटों और आलोचकों ने उनकी मंशा पर सवाल उठाए हैं.

असल में क्या था पूरा सन्दर्भ?

जांच में यह सामने आया कि यह वीडियो 21 जुलाई 2024 को कोलकाता में आयोजित टीएमसी की शहीद दिवस रैली का हिस्सा है.ममता बनर्जी ने इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि वे जनता की सेवा करें और जीवन में लालच न रखें. उनके शब्दों को वीडियो से काटकर सोशल मीडिया पर अलग अर्थ में पेश किया गया है.

ये है ओरिजिनल वीडियो

फैक्ट चेक में क्या सामने आया?

पड़ताल के दौरान पता चला कि यह वीडियो तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर पूरे रूप में उपलब्ध है. वायरल हो रहे हिस्से को 2 घंटे 58 मिनट के बाद के हिस्से से काटा गया है. असल सन्दर्भ में ममता बनर्जी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि वे सादगी से रहें और लोगों के प्रति ईमानदार रहें.

वीडियो शेयर करने से पहले एक बार जांच कर ले

यह स्पष्ट है कि ममता बनर्जी के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है. उन्होंने आम जनता से नहीं, बल्कि अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से ऐसा कहकर उन्हें सेवा और सादगी का संदेश दिया था. वायरल हो रही क्लिप अधूरी है और उसका उद्देश्य लोगों को भ्रमित करना प्रतीत होता है.