भुवनेश्वर, 29 जुलाई ओडिशा में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने मंगलवार को पुरी जगन्नाथ मंदिर के अंदर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से माफी की मांग की।
एएसआई ने 12वीं शताब्दी के इस मंदिर के रत्न भंडार में किए गए जीर्णोद्धार कार्य का विवरण साझा करते हुए सोमवार को सोशल मीडिया पर मंदिर की तस्वीरें पोस्ट कीं।
बाद में एएसआई ने बाद में इन फोटों को हटा लिया था।
बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एएसआई के इस कार्य से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे मंदिर की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मंदिर के अंदर कैमरा या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना गैरकानूनी है, फिर भी मंदिर के रखरखाव का प्रभार संभालने वाले एएसआई ने रत्न भंडार और भोग मंडप के प्रवेश द्वार की तस्वीरें कैसे लीं और उन्हें सोशल मीडिया पर कैसे जारी किया, इससे लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं।’’
मोहंती ने कहा कि एएसआई को बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारी को निलंबित किया जाना चाहिए।
बीजद नेता ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) से भी स्पष्टीकरण देने को कहा।
वहीं, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा, ‘‘हां, यह हमारे संज्ञान में आया है। एसजेटीए इस संबंध में कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।’’
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