Uttar Pradesh: CMO द्वारा दिया गया टार्गेट पूरा करने के लिए मथुरा के डॉक्टर ने COVID-19 टेस्ट के लिए अपने खुद के 15 सैम्पल भेजे, देखें वायरल वीडियो
उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आयी है. एक डॉक्टर ने द्वारा दिया गया टार्गेट पूरा करने के लिए COVID-19 टेस्ट के लिए अपने खुद के 15 सैम्पल भेज दिए. यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद यह घटना सुर्खियों में आ गई है.
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उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आयी है. एक डॉक्टर ने (Chief Minister’s Office) द्वारा दिया गया टार्गेट पूरा करने के लिए COVID-19 टेस्ट के लिए अपने खुद के 15 सैम्पल भेज दिए. यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद यह घटना सुर्खियों में आ गई है. वायरल वीडियो के अनुसार एक हेल्थ वर्कर डॉक्टर राज कुमार सारस्वत (Dr Rajkumar Saraswat) का सैम्पल कलेक्ट करता हुआ दिखाई दे रहा है. वीडियो में डॉक्टर को CMO द्वारा दिए गए टार्गेट को पूरा करने के लिए COVID-19 टेस्ट करने के लिए खुद के सैम्पल देते हुए सुना जा सकता है. किसी के द्वारा खुद के इतने नमूने न देने की सलाह दिए जाने के बाद, डॉक्टर ने नकली नामों के साथ टेस्ट के लिए सैम्पल भेज दिए.
यह घटना जिले के बलदेव शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Community Health Centre) में हुई. इस वीडियो को अनुज जैसवाल नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. इसे मथुरा के डीएम, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी गवर्नमेंट को टैग किया गया है.
देखें वीडियो:
#fake #sampling of #corona #test: A video of #Mathura’s CHC doctor giving more than 15 samples for Corona test for completing his sampling target goes viral. Health officials mark inquiry into the matter. @timesofindia @UPGovt @dmmathura7512 @myogiadityanath pic.twitter.com/b044iinffd
— Anuja Jaiswal (@anujajTOI) September 20, 2020
इसी स्वास्थ्य केंद्र के एक और डॉक्टर अमित ने सीएमओ के साथ इस मुद्दे को उठाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सीएचसी प्रभारी डॉ. योगेंद्र सिंह राणा द्वारा (Dr Yogendra Singh Rana) कॉट्रैक्टक्चुअल कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है कि यदि कम लोग परीक्षण के लिए केंद्र में जा रहे हैं तो नकली नमूने एकत्र किए जाएं. उन्होंने आगे दावा किया कि सीएचसी कोविड-19 के मरीजों को सीएचसी प्रभारी के फर्जी हस्ताक्षरों के साथ घर में आइसोलेशन के तहत रखा गया था.
दो शिकायतों और रिपोर्टों के बाद अतिरिक्त सीएमओ (Additional CMO) डॉ. राजीव गुप्ता ने मामले की जांच शुरू कर दी.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 21, 2020 11:24 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

