Coronavirus से पुरुषों का Private Part हो सकता है प्रभावित, Penis पर हो सकता है ये असर
कोविड-19 महामारी (Photo Credits: pixabay)

नर जननांग पथ (Male Genital Tract) के कई ऊतक SARS-CoV-2 से संक्रमित हो सकते हैं, बड़े जानवरों के मॉडल में एक नए नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार SARS-CoV-2 संक्रमित-रीसस मकाक में किए गए अध्ययन से पता चला है कि प्रोस्टेट, अंडकोष, लिंग और अंडकोष की सभी वाहिकाएं वायरस से संक्रमित थीं. आश्चर्यजनक खोज एक पीईटी स्कैन का उपयोग करके की गई थी जिसे विशेष रूप से पूरे शरीर के स्कैन में समय के साथ फैलने वाले संक्रमण की साइटों को प्रकट करने के लिए डिज़ाइन किया गया था. वैज्ञानिकों को यह नहीं पता था कि वे क्या पाएंगे, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि वायरस फेफड़ों में और नाक में मस्तिष्क के पास ऊपर दिखाई देगा क्योंकि लोग स्वाद और गंध का अनुभव नहीं कर पा रहे थे. यह भी पढ़ें: Health Tips: प्रतिदिन पीयें एक गिलास मौसंबी का जूस! रहेंगे चुस्त-दुरुस्त एवं तमाम बीमारियों से दूर!

नॉर्थवेस्टर्न फीनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन में कोशिका और विकासात्मक जीव विज्ञान के प्रोफेसर, प्रमुख अन्वेषक थॉमस होप ने कहा, "लेकिन लक्षण पुरुष जननांग पथ के माध्यम से पूर्ण रूप से फैल गया था." "हमें अंदाजा नहीं था कि हम इसे वहां पाएंगे."“इन परिणामों से संकेत मिलता है कि वृषण दर्द (Testicular Pain) स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction), हाइपोगोनाडिज्म (Hypogonadism), शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता में कमी, और SARS-CoV-2 संक्रमण से जुड़ी प्रजनन क्षमता में कमी पुरुष प्रजनन पथ की कोशिकाओं के संक्रमण का प्रत्यक्ष परिणाम है, न कि अप्रत्यक्ष तंत्र जैसे कि बुखार और सूजन, ”होप ने कहा.

सबूत है कि SARS-CoV-2 से संक्रमण पुरुष यौन स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है और प्रजनन क्षमता हर दिन घट रही है. लेकिन वैज्ञानिकों को इसका कारण नहीं पता था और उन्हें लगा कि इसका कारण बुखार और सूजन हो सकता है.

"हमें समझ में नहीं आया कि इस अध्ययन तक इसका नकारात्मक प्रभाव क्यों पड़ा," होप ने कहा. उन्होंने कहा कि कण्ठमाला (mumps), ( Ebola) , जीका (Zika), SARS-COV-1 और अन्य वायरस भी पुरुष जननांग पथ के ऊतकों को संक्रमित कर सकते हैं और प्रजनन क्षमता को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं. कण्ठमाला संक्रमण संभावित रूप से पुरुष बाँझपन का कारण बनता है.

नए अध्ययन से पता चलता है कि कैसे वायरस प्रोस्टेट, लिंग, अंडकोष और वृषण वाहिका (रक्त वाहिकाओं) में विकृति पैदा कर सकता है.