Elon Musk X lawsuit Over Child Pornography: एलन मस्क की कंपनी X (जो पहले ट्विटर था) के लिए एक बुरी खबर है. अमेरिका की एक अदालत ने X के खिलाफ चल रहे एक पुराने केस को फिर से शुरू करने का आदेश दिया है. यह मामला प्लेटफॉर्म पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी वाले एक वीडियो से जुड़ा है.
क्या है पूरा मामला?
यह केस एलन मस्क के ट्विटर खरीदने से भी पहले का है. इसकी शुरुआत तब हुई जब दो नाबालिग लड़कों को स्नैपचैट पर धोखा दिया गया. एक अपराधी ने खुद को उनके स्कूल की एक 16 साल की लड़की बताकर लड़कों को अपनी आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने के लिए फुसलाया.
इसके बाद, उस अपराधी ने उन तस्वीरों के आधार पर दोनों लड़कों को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और और तस्वीरें मंगवाईं. फिर इन सभी तस्वीरों को मिलाकर एक वीडियो बनाया गया और उसे ट्विटर पर पोस्ट कर दिया गया.
X (ट्विटर) पर क्या आरोप है?
आरोप यह है कि जब ट्विटर को इस आपत्तिजनक वीडियो के बारे में पता चला, तो उसने इसे हटाने और संबंधित एजेंसी (NCMEC - नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन) को रिपोर्ट करने में 9 दिन लगा दिए. इस बीच, उस वीडियो को 1,67,000 से भी ज्यादा बार देख लिया गया था.
अदालत ने क्या कहा?
यह मामला थोड़ा पेचीदा है. अमेरिका में "सेक्शन 230" नाम का एक कानून है, जो X और फेसबुक जैसी ऑनलाइन कंपनियों को उनके यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए कानूनी कार्रवाई से बचाता है. यानी, अगर कोई यूजर कुछ गलत पोस्ट करता है तो आमतौर पर प्लेटफॉर्म जिम्मेदार नहीं होता. निचली अदालत ने इसी कानून के आधार पर केस खारिज कर दिया था.
लेकिन अब ऊपरी अदालत ने कहा कि यह सुरक्षा हर मामले में लागू नहीं होती. जज का कहना था कि जैसे ही X को "पक्के तौर पर पता चल गया" कि यह कंटेंट चाइल्ड पोर्नोग्राफी है, तो इसे तुरंत रिपोर्ट करना उसकी कानूनी जिम्मेदारी थी. इस जिम्मेदारी को निभाने में हुई देरी एक "लापरवाही" है, और सेक्शन 230 का कानून कंपनी को इस लापरवाही से नहीं बचा सकता.
अदालत ने X के खिलाफ लगे कुछ दूसरे आरोपों को खारिज कर दिया है, लेकिन लापरवाही के आरोप पर मुकदमा चलाने की इजाजत दे दी है.
इस फैसले के बाद, पीड़ितों के वकील ने कहा कि वे न्याय और जवाबदेही के लिए X के खिलाफ मुकदमे का इंतजार कर रहे हैं.













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