Rangrez Restaurant Controversy: ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारतीय मूल के सिख व्यवसायी हरमन सिंह कपूर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी उनके प्रसिद्ध रेस्तरां 'रंगरेज' (Rangrez) को बंद करने की घोषणा और हलाल मांस को लेकर हुए भारी विवाद के कुछ दिनों बाद हुई है. हरमन सिंह कपूर ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी गिरफ्तारी की जानकारी दी और ब्रिटिश पुलिस पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है.
हलाल मांस परोसने से इनकार और विवाद
विवाद की शुरुआत तब हुई जब हैमरस्मिथ स्थित रेस्तरां 'रंगरेज' के बाहर एक बोर्ड लगाया गया, जिस पर लिखा था— "हमें गर्व है कि हम हलाल मांस नहीं बेचते." हरमन सिंह कपूर का कहना है कि वे सिख धर्म की परंपराओं का पालन करते हुए केवल 'झटका' मांस परोसते हैं. इस फैसले के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, फर्जी रिव्यू और कथित तौर पर कुछ समूहों द्वारा धमकियों का सामना करना पड़ा. कपूर ने दावा किया कि इसी दबाव और आर्थिक नुकसान के कारण उन्हें अपना 16 साल पुराना रेस्तरां बंद करने का फैसला लेना पड़ा. यह भी पढ़े: ट्रेनों में सिर्फ हलाल मांस परोसने पर एनएचआरसी का रेलवे को नोटिस, दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
गिरफ्तारी और पुलिस पर आरोप
शनिवार, 14 मार्च को रेस्तरां के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई. कपूर का आरोप है कि जब उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए कदम उठाए, तो मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने उन्हें ही हिरासत में ले लिया. उन्होंने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "मैंने केवल अपने परिवार की रक्षा की, फिर भी मुझे गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने सुरक्षा देने के बजाय मेरे धर्म और विश्वास को निशाना बनाया."
पुराना विवाद और सक्रियता
हरमन सिंह कपूर पहले भी विवादों में रहे हैं. वह सोशल मीडिया पर खालिस्तानी कट्टरपंथ के खिलाफ मुखर रहे हैं. साल 2023 में उन्होंने दावा किया था कि खालिस्तान समर्थकों ने उनकी कार पर हमला किया और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं. कपूर ने घोषणा की थी कि रेस्तरां बंद करने के बाद वे अपना पूरा समय सामाजिक सक्रियता (Activism) को देंगे.
पुलिस और प्रशासन का रुख
फिलहाल लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने इस गिरफ्तारी के कारणों पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया है. हालांकि, सूत्रों के अनुसार, रेस्तरां के बाहर बढ़ते तनाव और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है. सोशल मीडिया पर यह मामला अब 'धार्मिक स्वतंत्रता' बनाम 'सामुदायिक तनाव' की बहस में बदल गया है, जहां लोग कपूर के समर्थन और विरोध में बंटे हुए नजर आ रहे हैं.













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