इंफाल, 15 मई: मणिपुर के नोनी जिले में हुई एक ताजा हिंसक घटना में एक नागरिक की जान चली गई है, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. मणिपुर सुरक्षा बलों ने इस घटना के बाद सक्रियता दिखाते हुए प्रतिबंधित संगठन 'कांग्लेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी' (KCP) ताइबंगनबा गुट के एक सक्रिय कैडर को थौबल जिले से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है.
मणिपुर पुलिस द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, 13 मई को नोनी जिले के खौपुम पुलिस स्टेशन के अंतर्गत जौजांगटेक और नुंगसाई-II गांवों के सीमावर्ती क्षेत्र में अज्ञात बंदूकधारियों ने बिना किसी उकसावे के फायरिंग शुरू कर दी. इस गोलाबारी की चपेट में आने से एक स्थानीय नागरिक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. यह भी पढ़ें: Mumbai Shocker: तलाक के विवाद के बीच पति पर बड़ा आरोप, दूसरी महिला के साथ होटल में ठहरने के लिए पत्नी के आधार कार्ड का किया इस्तेमाल, जांच में जुटी पुलिस
सुरक्षा बलों ने हमलावरों की धरपकड़ के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और सघन तलाशी अभियान (Cordon and Search Operation) चलाया जा रहा है.
KCP कैडर की गिरफ्तारी
फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने थौबल जिले के याइरिपोक लामखाई इलाके से उग्रवादी खोंगबंताबम चिंगलेम्बा मैतेई उर्फ नानाओ (35) को गिरफ्तार किया है. नानाओ मूल रूप से लमसांग लमदेंग खुनौ का निवासी है और वर्तमान में थौबल अवांग लेकाई में रह रहा था. पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया है और उसके अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की जा रही है.
जबरन वसूली के लिए फायरिंग
पुलिस जांच में एक और अहम खुलासा हुआ है। 7 मई को इंफाल पूर्वी जिले के हिंगांग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत तंगखाम अवांग लेकाई में एक आवासीय गेट पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। 11 मई को एक किशोर को हिरासत में लिया गया था, जबकि 12 मई को उसके साथी उशम रोशन सिंह उर्फ नाओबी (28) को गिरफ्तार किया गया.
जांच में यह बात सामने आई है कि इन अभियुक्तों का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच डर पैदा करना और उनसे पैसा वसूलना (Extortion) था.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और अपील
राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मणिपुर पुलिस ने पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों में कुल 113 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए हैं. पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों या फर्जी वीडियो पर विश्वास न करें. किसी भी संदिग्ध जानकारी की पुष्टि 'केंद्रीय नियंत्रण कक्ष' के माध्यम से की जा सकती है.
पुलिस ने चेतावनी दी है कि फर्जी पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, लूटे गए हथियारों और गोला-बारूद को तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में जमा करने की अपील भी दोहराई गई है.













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