Top 5 Night Watchman With Best Inning for India: जब गेंदबाज़ों ने बल्ले से रच दिया इतिहास, यहां देखें टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के 5 बेस्ट नाइटवॉचमैन बल्लेबाजों की लिस्ट
Akash Deep( Photo Credit: X/@BCCI)

India National Cricket Team vs England National Cricket Team Match Scorecard: भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम बनाम इंग्लैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम 5 मैचों की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 टेस्ट सीरीज (Test Series) का पांचवां और आखिरी मुकाबला 31 जुलाई (बुधवार) से लंदन(London ) के केनिंग्टन ओवल(Kennington Oval) में खेला रहा हैं. जिसमें टीम इंडिया के लिए नाईटवाचमैन के रूप में आए आकाश दीप ने अपना पहला अर्धशतक जड़ा हैं. उन्होंने 70 गेंदों में 7 चौकें की मदद से ये कारनामा किया है. जिसके बाद आज यहां हम भारत की टेस्ट क्रिकेट में खेली गई 5 सबसे यादगार नाइटवॉचमैन पारियों पर नजर डाल रहे हैं, जिनमें संकट को अवसर में बदला गया. टीम इंडिया ने 3 विकेट खोकर बनाए 189 रन, आकाश दीप का का अर्धशतक, यशस्वी जयसवाल शतक के करीब, इंग्लैंड पर बनाए 166 रन की बढ़त

भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसे कई मौके आए हैं जब टीम संकट में थी और शीर्ष क्रम बिखर चुका था. ऐसे समय में नाइटवॉचमैन की भूमिका बेहद अहम हो जाती है. नाइटवॉचमैन का चयन आमतौर पर किसी गेंदबाज़ या लोअर ऑर्डर बल्लेबाज़ के रूप में किया जाता है, ताकि वह दिन का खेल खत्म होने तक क्रीज पर टिक सके. लेकिन जब ये खिलाड़ी सिर्फ टिकने तक सीमित नहीं रहते और बड़ी पारियां खेलते हैं, तो वे इतिहास के पन्नों में खास जगह बना लेते हैं.

1. सैयद किरमानी – 101 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया, मुंबई (1979)*

भारत के पूर्व विकेटकीपर सैयद किरमानी ने 1979 में वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में नाइटवॉचमैन के तौर पर बल्लेबाज़ी करते हुए नाबाद 101 रन बनाए थे. यह किसी भी भारतीय नाइटवॉचमैन द्वारा टेस्ट क्रिकेट में बनाया गया पहला और अब तक एकमात्र शतक है. उन्होंने 210 गेंदों का सामना करते हुए 8 चौकों की मदद से यह पारी खेली और भारत की लड़खड़ाती पारी को संभाला. इस यादगार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' भी चुना गया.

2. अमित मिश्रा – 84 रन बनाम इंग्लैंड, द ओवल (2011)

2011 में इंग्लैंड दौरे पर द ओवल टेस्ट में भारत की टीम कठिन परिस्थिति में थी. तीसरे दिन के खेल समाप्ति से पहले अमित मिश्रा को नाइटवॉचमैन के रूप में भेजा गया. मिश्रा ने अगली सुबह शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए 84 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली. उन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ शतकीय साझेदारी की और भारत को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाया. हालांकि भारत को मैच में हार मिली, लेकिन मिश्रा की यह पारी फैंस के दिल में बस गई.

3. आकाश दीप – 66 रन बनाम इंग्लैंड, द ओवल (2025)

2025 की टेस्ट सीरीज़ के पांचवें और निर्णायक मुकाबले में, जब भारत ने जल्दी विकेट गंवाए तो अक्षदीप सिंह को नाइटवॉचमैन के रूप में भेजा गया. उन्होंने दबाव में बेहतरीन बल्लेबाज़ी की और 66 रन बनाए. इस दौरान यशस्वी जायसवाल के साथ उनकी साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी का रास्ता दिखाया. यह पारी केवल उनकी गेंदबाज़ी प्रतिभा ही नहीं, बल्कि क्रिकेटिंग समझदारी और संयम का भी परिचय थी.

4. इशांत शर्मा – 7 रन बनाम इंग्लैंड, नॉटिंघम (2014)*

नॉटिंघम टेस्ट 2014 में इशांत शर्मा की 7 रनों की नाबाद पारी स्कोरकार्ड पर भले ही छोटी लगे, लेकिन उन्होंने 67 गेंदों का सामना करते हुए अजिंक्य रहाणे के साथ एक लंबी साझेदारी की. उस समय भारत का टॉप ऑर्डर लड़खड़ा गया था और इशांत की इस टिकाऊ पारी ने भारत को संकट से उबारने में बड़ी भूमिका निभाई. यह मैच ड्रॉ रहा, और इशांत ने गेंदबाज़ी में भी 7 विकेट लेकर जीत के करीब पहुंचाया.

5. अजीत आगरकर – 41 रन बनाम इंग्लैंड, लॉर्ड्स (2002)

2002 के लॉर्ड्स टेस्ट में अजीत आगरकर ने नाइटवॉचमैन के रूप में बल्लेबाज़ी करते हुए 41 रन बनाए थे. हालांकि भारत वह मैच हार गया था, लेकिन आगरकर ने गेंदबाज़ी के साथ-साथ बल्ले से भी प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया. खास बात यह रही कि मैच की दूसरी पारी में उन्होंने शानदार शतक (109 रन) लगाया—जो लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर किसी भी भारतीय तेज गेंदबाज़ द्वारा बना एकमात्र शतक है.

भारत की टेस्ट क्रिकेट में नाइटवॉचमैन सिर्फ एक रक्षात्मक रणनीति नहीं रहे, बल्कि संकट के समय उन्होंने मोर्चा संभालते हुए बड़ी पारियां खेली हैं. सैयद किरमानी की सेंचुरी से लेकर हाल ही में अक्षदीप सिंह की पारी तक, ये उदाहरण यह साबित करते हैं कि कभी-कभी ‘छोटे रोल’ निभाने वाले खिलाड़ी ही टीम के लिए सबसे बड़ा फर्क साबित होते हैं.