देश

उत्तर प्रदेश: पोलियो अभियान पर उठे सवाल, परिजनों का आरोप, कहा- खुराक पीने से हुई उनकी मासूम बच्ची की मौत

सालों से चल रहा पोलियो अभियान उस वक्त सवालों के घेरे में आ गया, जब उत्तर प्रदेश के बांदा में परिजनों की ओर से यह आरोप लगाया गया कि पोलियो की खुराक पीने के बाद उनकी 9 महीने की मासूम बच्ची ने दम तोड़ दिया.

उत्तर प्रदेश: पोलियो अभियान पर उठे सवाल, परिजनों का आरोप, कहा- खुराक पीने से हुई उनकी मासूम बच्ची की मौत
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: getty)

बांदा: पिछले कई सालों से भारत को पोलियो मुक्त (Polio Free India) बनाने के लिए सरकार की ओर से मुहिम (Polio campaign) चलाई जा रही है. इस मुहिम के तहत पांच साल से कम उम्र के बच्चों को पोलियो की दवा (Polio Drop) की दो बूंद पिलाई जाती है ताकि उन्हें पोलियो जैसी बीमारी अपना शिकार न बना सके. वहीं सालों से चल रहा यह पोलियो अभियान उस वक्त सवालों के घेरे में आ गया, जब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बांदा (Banda) में परिजनों की ओर से यह आरोप लगाया गया कि पोलियो की खुराक पीने के बाद उनकी 9 महीने की मासूम बच्ची (9 months old child died) ने दम तोड़ दिया.

दरअसल, बांदा के संभू नगर में रहने वाले सूर्य कुमार शुक्ल की मानें तो गुरुवार को डोर टो डोर अभियान के तहत पल्स पोलियो की दवा पिलाने के लिए एक टीम उनके घर आई थी और उनकी 9 महीने की बेटी ईशिता को पोलियो की दवा पिलाई गई. उन्होंने आरोप लगाया कि पोलियो की खुराक पीने के कारण उनकी बच्ची की मौत हुई है, क्योंकि दवा पीते ही उनकी मासूम बच्ची की हालत बिगड़ने लगी. बच्ची की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उसे फौरन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

पोलियो की खुराक पीने से कथित तौर पर किसी बच्ची की मौत का यह पहला मामला है और इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. वहीं बांदा के डीएम एच लाल ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह पहला मामला है, जब पोलियो की खुराक से किसी बच्चे की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. यह भी पढ़ें: जॉनसन एंड जॉनसन पाउडर से बच्चों को कैंसर का खतरा, सब कुछ जानते हुए भी कंपनी सालों से बेच रही है प्रोडक्ट: रिपोर्ट

बता दें कि एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी लापरवाही को लेकर परिजनों में आक्रोश नजर आ रहा है, तो वहीं प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरु कर दी है. हालांकि इससे पहले पिछले साल अक्टूबर महीने में पोलियो की दवा में टाईप-2 विषाणु मिलने का मामला सामने आया था.

गौरतलब है कि राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) ने बीते शनिवार राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के मौके पर 5 साल से कम उम्र के बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर पल्स पोलियो कार्यक्रम 2019 की शुरुआत की थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 14, 2019 02:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).