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चिदंबरम ने IMF की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ को किया आगाह, बोले ’मोदी सरकार के मंत्रियों के हमलें के लिए रहें तैयार’

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा भारत की आर्थिक विकास दर के अनुमान को घटाने के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ को आगाह किया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि आईएमएफ के इस कदम के बाद गोपीनाथ को सरकार के मंत्रियों के हमले के लिए खुद को तैयार कर लेना चाहिए.

चिदंबरम ने IMF की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ को किया आगाह, बोले ’मोदी सरकार के मंत्रियों के हमलें के लिए रहें तैयार’
पी चिदंबरम और गीता गोपीनाथ (File Photo)

नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा भारत की आर्थिक विकास दर के अनुमान को घटाने के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath) को आगाह किया है. कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि आईएमएफ के इस कदम के बाद गोपीनाथ को सरकार के मंत्रियों के हमले के लिए खुद को तैयार कर लेना चाहिए.

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा “आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने सबसे पहले विमुद्रीकरण (डीमोनेटाइजेशन) की निंदा की थी. मुझे लगता है कि हमें आईएमएफ और गीता गोपीनाथ पर सरकार के मंत्रियों के हमले के लिए खुद को तैयार करना चाहिए.”

पूर्व वित्त मंत्री ने अन्य ट्वीट में कहा कि आने वाले समय में अर्थव्यवस्था के और कमजोर होने पर भी उन्हें आश्चर्य नहीं होगा. अर्थव्यवस्था काफी खराब स्थिति में है, आयकर को समाप्त करने की जरूरत है

दरअसल, आईएमएफ ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर के अपने अनुमान को 6.1 फीसदी से घटाकर 4.8 फीसदी कर दिया है. आईएमएफ ने भारत की विकास दर के अपने अनुमान में इस भारी कटौती की वजह देश की घरेलू मांग में काफी नरमी बताई है. वैश्विक संस्था के अनुसार घरेलू मांग काफी कमजोर रहने और गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र के दबाव में होने के कारण चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर घटकर 4.8 फीसदी रह सकती है.

हालांकि आईएमएफ ने अगले साल आर्थिक सुस्ती दूर होने से विकास दर में वृद्धि की उम्मीद जताई है. आईएमएफ के अनुसार, भारत की आर्थिक विकास दर अगले साल 2020 में 5.8 फीसदी और 2021 में 6.5 फीसदी रह सकती है. इससे पहले विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक विकास दर चालू वित्त वर्ष में पांच फीसदी रहने का अनुमान लगाया था. वहीं, संयुक्त राष्ट्र यानी यूएन के अनुसार, भारत की आर्थिक विकास दर चालू वित्त वर्ष में 5.7 फीसदी रह सकती है.

गौरतलब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने खुदरा मुद्रास्फीति की दर के 7.35 प्रतिशत तक पहुंच जाने को लेकर पिछले हफ्ते नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा था कि गिरती अर्थव्यवस्था देश के लिए बड़ा खतरा है. (एजेंसी इनपुट के साथ)

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 21, 2020 11:29 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).