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जम्मू कश्मीर का शख्स अपने आपको WHO का डायरेक्टर बताकर करता था ठगी, हुआ गिरफ्तार

मंगलुररू सिटी पुलिस ने शनिवार को जम्मू और कश्मीर के एक कथित शख्स की गिरफ्तारी की घोषणा की, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के निदेशक के रूप में काम कर रहा था और डब्ल्यूएचओ में नौकरी दिलाने का वादा कर लोगों को ठगने का काम करता था. इस शख्स की पहचान जम्मू-कश्मीर के गंजीपुरा गांव के निवासी शौकत अहमद लोन के रूप में हुई है

जम्मू कश्मीर का शख्स अपने आपको WHO का डायरेक्टर बताकर करता था ठगी, हुआ गिरफ्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: PTI)

मंगलुरू सिटी पुलिस ने शनिवार को जम्मू और कश्मीर के एक कथित शख्स की गिरफ्तारी की घोषणा की, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का निदेशक बताकर लोगों से ठगी करता था. वो डब्ल्यूएचओ में नौकरी दिलाने का वादा कर लोगों को ठगने का काम करता था. इस शख्स की पहचान जम्मू-कश्मीर के गंजीपुरा गांव के निवासी शौकत अहमद लोन के रूप में हुई है, जिसे उसके ड्राइवर के साथ गिरफ्तार किया गया है. शौकत पर देश भर के कई लोगों को धोखा देने का आरोप है. उसने डब्ल्यूएचओ में नौकरी का वादा कर लोगों से बड़ी राशि वसूली, नौकरी के लिए वो प्रत्येक व्यक्ति से 5 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक लेता था. पुलिस आयुक्त पी.एस. हर्ष यह भी बताया कि संदिग्ध राष्ट्रीय हित के खिलाफ गतिविधियों में शामिल था और इस बारे में गहन जांच जारी है. इसके अलावा शौकत ने डब्ल्यूएचओ के निदेशक होने का दावा करते हुए मैट्रिमोनियल साइट पर अपना प्रोफाइल भी अपलोड किया उसने कई औरतों को भी धोखा दिया है. एक गुप्त सूचना मिलने के बाद सभी स्टेशनों के पुलिस अधिकारियों को एक कार में घूम रहे दो संदिग्धों के बारे में सतर्क किया गया. बर्क पुलिस ने नवभारत सर्किल के पास एक कार को पकड़ा, जिसमें नकली नेम प्लेट थी और जिसे डब्ल्यूएचओ के निदेशक के रूप में लिखा गया था. उन्हें 17 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ के दौरान शौकत अहमद लोन ने खुद की पहचान मुंबई के रहने वाले बासित शाह के रूप में की थी और डब्लूएचओ के निदेशक और सिंह को अपना ड्राइवर होने का दावा किया था. "जांच के बाद और डब्ल्यूएचओ के स्रोतों के माध्यम से पता चला कि शख्स संयुक्त राष्ट्र एजेंसी का निदेशक नहीं है.

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पुलिस आयुक्त ने कहा कि शुरू में लोन ने अपनी पहचान डॉ. बासित शाह', मुंबई के निवासी के रूप में बताई, लेकिन पूछताछ के बाद उसने अपनी असली पहचान बता दी. कार डाइवर बलजीत सिंह ने पुलिस को बताया कि वो पिछले 2 साल से 20 हजार रूपये पगार पर लोन के लिए ड्राइवरी कर रहा है, सैलरी के अलावा उसे उसके निजी खर्चे और कार के मेंटेनेंस के लिए अलग से पैसे मिलते हैं, उसने बताया कि इस कर से उन्होंने देश के कोने-कोने में यात्रा की है. आरोपी ने MBBS / MS / MCH - गोल्ड मेडलिस्ट और विश्व स्वास्थ्य संगठन निदेशक सहित सभी फर्जी प्रमाणपत्र बनाए हैं.

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पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ उसके होम टाउन में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था, उसने कई महिलाओं के साथ शादी का वादा कर उनका शोषण किया है. बर्क पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 170, 171, 419, 420, 34 और भारतीय स्टेट प्रतीक (निषेध प्रयोग का निषेध) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 25, 2019 09:17 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).