Kanwar Yatra Rules: पहली बार कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं? ये 7 बातें जान लें, यात्रा होगी सुखद और पुण्यदायी

Kanwar Yatra 2025: सावन का महीना शुरू होते ही भोलेनाथ के भक्तों में खास जोश देखने को मिल रहा है. लाखों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री या अन्य तीर्थ स्थलों से गंगाजल लेकर शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए रवाना हो रहे हैं. अगर आप पहली बार इस पवित्र यात्रा पर निकलने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातें जरूर जान लें, ताकि सफर श्रद्धा के साथ-साथ सुरक्षित भी रहे. कांवड़ यात्रा आसान नहीं होती. ये एक श्रद्धा और तपस्या का प्रतीक होती है. इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले खुद को मानसिक रूप से तैयार करें. साथ ही, शरीर की स्टेमिना बढ़ाने के लिए कुछ दिन पहले से वॉकिंग या हल्की दौड़ शुरू करें.

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1. कांवड़ यात्रा के नियमों को समझें

कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी होता है. जैसे कि शराब और मांस से दूर रहना, संयमित भोजन करना, किसी से झगड़ा न करना और पूरी यात्रा नंगे पांव चलना. साथ ही, गंगाजल को बेहद पवित्र माना जाता है, इसलिए उसे कहीं नीचे न रखें और शुद्धता बनाए रखें.

2. सही सामान और कपड़े साथ रखें

कांवड़ यात्रा में हल्का सामान ले जाना ही बेहतर होता है. पानी की बोतल, कुछ सूखे मेवे, टॉर्च, बरसाती जैकेट, और जरूरी दवाइयां साथ रखें. कपड़े हल्के और सूती पहनें, जिससे पसीना जल्दी सूख जाए और आराम मिले. अधिकतर श्रद्धालु भगवा या सफेद रंग के कपड़े पहनते हैं. ये न सिर्फ भक्ति का रंग दर्शाते हैं, बल्कि समूह में एकरूपता भी बनती है. अगर आप दोस्तों के साथ जा रहे हैं, तो सभी एक जैसा ड्रेस कोड रख सकते हैं.

3. गंगाजल भरते समय रहें सतर्क

जब गंगाजल भरें, तो ध्यान रखें कि पानी शुद्ध हो और उसमें कोई अशुद्ध चीज न मिले. जल को अच्छे से बंद करें और रास्ते में गिरने न दें. अगर गलती से गिर भी जाए, तो दोबारा भरना जरूरी है.

4. यात्रा में टीम के साथ रहें

अकेले जाने की बजाय ग्रुप में जाना हमेशा बेहतर होता है. अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो अनुभवी कांवड़ियों के साथ चलें, जिससे रास्ते में मदद मिलती रहे. साथ ही, टीम में एक-दूसरे का ध्यान भी रखा जा सकता है. रास्ता लंबा होता है, इसलिए बीच-बीच में आराम करें.

5. रास्ते के नियमों को करें फॉलो

कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक रूल्स का पालन बहुत जरूरी है. तय रूट पर ही चलें और तेज आवाज, डीजे या अनावश्यक शोर-शराबे से बचें. यह एक धार्मिक यात्रा है, ना कि जुलूस.

6. पर्यावरण का ध्यान रखें

कांवड़ यात्रा के दौरान जगह-जगह प्लास्टिक और कचरे का ढेर लग जाना आम बात हो गई है. आपसे निवेदन है कि गंगाजल लेने आए हैं तो मां गंगा की साफ-सफाई का भी ख्याल रखें. कचरा डस्टबिन में डालें और जहां-तहां प्लास्टिक न फेंके.

7. सावधानी और श्रद्धा दोनों जरूरी हैं

रास्ते में ट्रैफिक, भीड़ और बारिश के कारण फिसलन जैसी परेशानियां आ सकती हैं. ऐसे में सतर्क रहें, जल्दबाजी न करें और दूसरों की मदद करें. यात्रा को सिर्फ एक रिवाज न समझें, ये भोलेनाथ की भक्ति का एक खास रूप है.

तो अगर आप इस बार पहली बार कांवड़ लेकर जा रहे हैं, तो ऊपर दी गई बातें जरूर ध्यान में रखें. इससे आपकी यात्रा न सिर्फ सुरक्षित बल्कि पुण्यदायी भी होगी.

हर हर महादेव...