लोकपाल को मिला ‘लोगो’ और आदर्श वाक्य, खुली प्रतियोगिता के तहत देश भर से मिले थे सुझाव
भ्रष्टाचार रोधी संस्था 'लोकपाल' को मंगलवार को इसका 'लोगो' और 'आदर्श वाक्य' मिल गया. कार्मिक मंत्रालय के बयान के मुताबिक इसके लिए एक खुली प्रतियोगिता के जरिए 6,000 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई थी. खुली प्रतियोगिता के तहत देश के विभिन्न हिस्से से विभिन्न आयु वर्ग के लोगों से लोगो के लिए 2,236 तथा आदर्श वाक्य के लिए 4,705 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं.
भ्रष्टाचार रोधी संस्था 'लोकपाल' को मंगलवार को इसका 'लोगो' और 'आदर्श वाक्य' मिल गया. कार्मिक मंत्रालय के बयान के मुताबिक इसके लिए एक खुली प्रतियोगिता के जरिए 6,000 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई थी. खुली प्रतियोगिता के तहत देश के विभिन्न हिस्से से विभिन्न आयु वर्ग के लोगों से लोगो के लिए 2,236 तथा आदर्श वाक्य के लिए 4,705 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं. कार्मिक मंत्रालय ने बताया कि लोगो का डिजाइन प्रविष्टियों में से चुना गया, लेकिन आदर्श वाक्य के लिए किसी भी प्रविष्टि को उपयुक्त नहीं पाया गया और इसे स्वयं लोकपाल ने चुना.
बयान में बताया गया है कि त्रिस्तरीय चयन प्रक्रिया के आधार पर उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद के रहने वाले प्रशांत मिश्र की डिजाइन को लोकपाल के लोगो के लिए चुना गया है. मिश्र ने बताया कि लोगो लोकपाल के शाब्दिक पर आधारित है. इसमें लोक का अर्थ जनता और पाल का मतलब देखभाल करने वाला है.
Chairman, Lokpal Shri Justice Pinaki Chandra Ghose launches logo of Lokpal
Motto of Lokpal “मा गृधः कस्यस्विद्धनम्” also adopted
Read here: https://t.co/qUmAO7tnV1 pic.twitter.com/XAq1LN6VW6
— PIB India (@PIB_India) November 26, 2019
यह भी पढ़ें: शीतकालीन सत्र: किन्नरों से भेदभाव रोकने के लिए राज्यसभा में विधेयक पारित
उन्होंने कहा कि लोगो दर्शाता है कि लोकपाल किस तरह से कानून के मुताबिक देश की जनता की रक्षा और देखभाल करता है. उन्होंने बताया कि लोगो में तीन रंग हैं जो लोकपाल के राष्ट्रीय तत्व का प्रतिनिधित्व करता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 27, 2019 09:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

