SC Stays Lokpal Order: सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल के आदेश पर लगाई रोक, हाईकोर्ट जजों की जांच पर जताई चिंता; केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

SC Stays Lokpal Order: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को लोकपाल के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें कहा गया था कि उसे हाईकोर्ट के मौजूदा जजों की जांच करने का अधिकार है. सुप्रीम कोर्ट ने इस घटनाक्रम को "चिंताजनक" करार देते हुए केंद्र सरकार, लोकपाल कार्यालय और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि यह मुद्दा न्यायपालिका की स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है और इस पर विचार करना जरूरी है. अब इस मामले पर केंद्र सरकार, लोकपाल कार्यालय और शिकायतकर्ता को अपना पक्ष रखना होगा.

इस फैसले से यह तय होगा कि लोकपाल को हाईकोर्ट जजों की जांच करने का अधिकार है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर विस्तृत सुनवाई करेगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी.

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सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल के आदेश पर लगाई रोक

क्या है पूरा मामला?

यह मामला एक मौजूदा हाईकोर्ट जज के खिलाफ दर्ज दो शिकायतों से जुड़ा है. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि इस जज ने एक अतिरिक्त जिला जज और अपने ही हाईकोर्ट के एक अन्य जज को प्रभावित किया, ताकि एक निजी कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया जा सके. यह भी आरोप है कि यह निजी कंपनी पहले उक्त हाईकोर्ट जज की क्लाइंट रह चुकी थी, जब वह वकील के तौर पर प्रैक्टिस कर रहे थे.

लोकपाल ने क्या आदेश दिया था?

लोकपाल की बेंच, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर कर रहे थे, ने 27 जनवरी को एक आदेश पारित किया. इसमें कहा गया था कि हाईकोर्ट के जज भी लोकपाल अधिनियम 2013 की धारा 14 के तहत जांच के दायरे में आते हैं. लोकपाल ने इन शिकायतों और संबंधित दस्तावेजों को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को भेजने के निर्देश दिए थे, ताकि वह इस पर विचार कर सकें.

लोकपाल ने यह भी स्पष्ट किया था कि इस आदेश के जरिए सिर्फ एक मुद्दे का निपटारा किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों की सत्यता या आरोपों के आधार पर कोई फैसला नहीं किया गया.