एनआईए की छापेमारी पर कर्नाटक एसडीपीआई नेता बोले- 'आरएसएस पर इसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं हुई'
कर्नाटक और अन्य राज्यों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा हाल ही में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के नेताओं और कार्यालयों पर छापेमारी पर गुस्से में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य के एसडीपीआई नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक 'आतंकवादी' संगठन है और सवाल किया कि आरएसएस पर कोई छापे क्यों नहीं पड़े.
बेंगलुरु, 26 सितम्बर : कर्नाटक और अन्य राज्यों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा हाल ही में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के नेताओं और कार्यालयों पर छापेमारी पर गुस्से में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य के एसडीपीआई नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक 'आतंकवादी' संगठन है और सवाल किया कि आरएसएस पर कोई छापे क्यों नहीं पड़े.
एसडीपीआई महासचिव भास्कर प्रसाद ने सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है और इसे अभी तक आधिकारिक तौर पर एक संगठन का दर्जा नहीं मिला है, आरएसएस नेताओं ने आवाज उठाने वालों के खिलाफ कई हथियार रखे हैं." "एसडीपीआई एक भी कार्य में शामिल नहीं है जो राष्ट्र के खिलाफ है. एसडीपीआई के खिलाफ दर्ज 98 प्रतिशत मामले अदालतों द्वारा खारिज कर दिए गए हैं. मालेगांव विस्फोट और अन्य विस्फोटों के संबंध में आरएसएस का नाम सामने आया है. भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है और विपक्ष को दबाने की कोशिश में है." यह भी पढ़ें : डीयू दाखिला: परेशानी मुक्त प्रक्रिया के लिए मिड-एंट्री, अतिरिक्त आवंटन की सुविधाएं
"कांग्रेस एसडीपीआई पर प्रतिबंध लगाने के लिए भाजपा को अपना समर्थन दे रही है. एसडीपीआई पार्टी भाजपा को 'मनुवादी भारत' बनाने से रोकने की दिशा में काम कर रही है. 'आयुध पूजा' के दौरान, आरएसएस कार्यकर्ता तलवार, चाकू की पूजा करते हैं.. आरएसएस द्वारा बंदूकों और अन्य हथियारों के इस्तेमाल में महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है. इसका खुलासा खुद मोहन भागवत ने किया था."
प्रसाद ने कहा, "एनआईए आरएसएस नेताओं और कार्यालयों पर छापेमारी क्यों नहीं कर रही है? केंद्र सरकार ने एनआईए के गले में पट्टा डाल दिया है जो उसकी देखभाल कर रही है. पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने एनआईए की शुरुआत की थी. लेकिन, कई बार उन्होंने खुलासा किया है कि एनआईए दिशा खो चुकी है." एसडीपीआई के वरिष्ठ नेता देवनूर पुत्तनंजैया ने कहा, "एसडीपीआई और पीएफआई ने कहीं भी धर्म के बारे में बात नहीं की है. एसडीपीआई ने देश में आवाज उठाई. देश खतरे में है. जब कोरोना महामारी अपने चरम पर थी, तो कोई भी लाशों को छूने के लिए आगे नहीं आया. तब एसडीपीआई कार्यकर्ताओं ने उनका अंतिम संस्कार किया."
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 26, 2022 04:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

