CT Scans Cause Cancer: सिटी स्कैन के कारण हर साल 103,000 लोगों को होता है कैंसर, नए रिसर्च से हुआ खुलासा
एक हालिया अध्ययन में दावा किया गया है कि अमेरिका में वर्ष 2010 से 2019 के बीच किए गए CT स्कैन के कारण भविष्य में लगभग 1,03,000 लोगों को कैंसर होने की आशंका है.यह आंकड़ा चिकित्सा जगत के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चिंता का विषय बन गया है.
CT Scans Cause Cancer: एक हालिया अध्ययन में दावा किया गया है कि अमेरिका में वर्ष 2010 से 2019 के बीच किए गए CT स्कैन के कारण भविष्य में लगभग 1,03,000 लोगों को कैंसर होने की आशंका है.यह आंकड़ा चिकित्सा जगत के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चिंता का विषय बन गया है.किसी गंभीर बीमारी या अंदरूनी चोट का पता लगाने के लिए डॉक्टर अक्सर मरीज को CT स्कैन कराने की सलाह देते हैं.
आजकल अस्पताल, क्लिनिक और डायग्नोस्टिक लैब्स में इसका इस्तेमाल सामान्य रूप से किया जाता है, ताकि शरीर के अंदर की समस्याओं का सटीक निदान हो सके,जैसे कि चोट, स्ट्रोक, कैंसर, ब्लड क्लॉट या फेफड़ों की बीमारियां.ये भी पढ़े:World Cancer Day 2025: कैंसर खतरनाक है, मगर सतर्कता और आधुनिक तकनीकी जांचों से बचा जा सकता है! जानें कुछ प्रभावशाली एवं महत्वपूर्ण टिप्स!
CT स्कैन क्या होता है?
CT स्कैन (Computed Tomography) एक विशेष प्रकार की एक्स-रे तकनीक है जो शरीर के आंतरिक अंगों की 3D इमेज बनाती है. यह पारंपरिक एक्स-रे से कहीं ज्यादा स्पष्ट और विस्तार से जानकारी देती है.
कैसे होता है CT स्कैन?
CT स्कैन के दौरान एक मशीन मरीज के शरीर के चारों ओर घूमती है और विभिन्न कोणों से एक्स-रे तस्वीरें लेती है. इसके बाद कंप्यूटर इन सभी तस्वीरों को मिलाकर एक विस्तृत छवि बनाता है जिससे डॉक्टर अवयवों, हड्डियों, नसों और ऊतकों की स्थिति को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं.
अध्ययन में क्या बताया गया है?
यह अध्ययन JAMA Internal Medicine नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है, जिसमें कहा गया है कि:अमेरिका में पिछले 15 वर्षों में CT स्कैन के मामलों में 30% की वृद्धि हुई है.हर साल होने वाले नए कैंसर मामलों में लगभग 5% मामलों का संबंध CT स्कैन से निकलने वाले रेडिएशन से हो सकता है.इस अनुमान के अनुसार, हर साल लगभग 1.03 लाख लोगों को CT स्कैन के रेडिएशन के कारण कैंसर हो सकता है.
स्वास्थ्य पर कितना बड़ा खतरा?
हालांकि, सभी विशेषज्ञ इस अध्ययन से सहमत नहीं हैं. डेनमार्क के हेरलेव हॉस्पिटल के वरिष्ठ डॉक्टर लार्स थोर ब्योर्न जेन्सन ने इस अध्ययन की आलोचना करते हुए कहा कि यह अधूरी जानकारी पर आधारित है.उनके अनुसार, इस शोध में यह नहीं बताया गया कि प्रत्येक मरीज को कितनी मात्रा में रेडिएशन मिला और स्कैन कितनी बार किया गया.
कई बार पहले से कैंसर से पीड़ित मरीजों पर स्कैन किया जाता है, ऐसे मामलों में अतिरिक्त रेडिएशन से नई समस्या नहीं पैदा होती.
सावधानी है जरूरी
CT स्कैन एक जरूरी और जीवनरक्षक तकनीक है, लेकिन इसका अत्यधिक और अनावश्यक उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
डॉक्टर की सलाह के बिना स्कैन न करवाएं।
केवल आवश्यक स्थिति में ही CT स्कैन का उपयोग करें।
डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स को इसका जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना चाहिए।
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 13, 2025 03:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

