Gold Monetization Scheme: यहां निवेश कर घर बैठे बिना किसी झंझट के कमाएं पैसे, रिटर्न की पूरी गारंटी
कोरोना काल में क्या आपकी नौकरी चली गई है या बिजनेस में घाटा होने से आप वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं? अगर आपके घर में सोना है तो आपकी टेंशन समझों खत्म हो गई है और आगे परेशान होने की भी जरूरत नहीं है. दरअसल आप अपने सोने के सिक्के, आभूषण जमा कर उससे आसानी से ब्याज कमा सकते है.
All You Need To Know About Gold Monetization Scheme (GMS): कोरोना काल में क्या आपकी नौकरी चली गई है या बिजनेस में घाटा होने से आप वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं? अगर आपके घर में सोना है तो आपकी टेंशन समझों खत्म हो गई है और आगे परेशान होने की भी जरूरत नहीं है. दरअसल आप अपने सोने के सिक्के, आभूषण जमा कर उससे आसानी से ब्याज कमा सकते है. बंपर रिटर्न पाने के लिए Post Office की इन योजनाओं में अपना पैसा करें निवेश, रहें टेंशन फ्री
पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) के जरिये स्वर्ण मुद्रीकरण योजना (गोल्ड मोनेटाईजेशन स्कीम) से पैसे कमाए जा सकते है. पीएनबी (PNB) ने हाल ही में ट्वीट कर बताया कि आप घर बैठे कमाई कैसे कर सकते हैं. पीएनबी ने कहा कि ग्राहक अपना बिना इस्तेमाल होने वाला सोना जीएमएस के तहत जमा कर सकते हैं जो उन्हें सुरक्षा, ब्याज और बहुत कुछ प्रदान करेगा.
यह ध्यान देने वाली बात यह है कि गोल्ड मोनेटाईजेशन स्कीम (जीएमएस) का उद्देश्य देश के घरों और संस्थानों द्वारा रखे गए सोने को जुटाना है और इसका उत्पादक उद्देश्यों में इस्तेमाल कर सोने के आयात को कम कर देश को आत्मनिर्भर बनाना है.
Here's how you can earn income while sitting at home.
For more information, visit: https://t.co/oVbiS4KGy0 #GoldMonetization pic.twitter.com/KoUF2P6Fcj
— Punjab National Bank (@pnbindia) November 9, 2021
गोल्ड मोनेटाईजेशन स्कीम (जीएमएस) के बारे में इन बातों को जानना जरुरी-
जीएमएस में कौन-कौन जमा कर सकता है?
- व्यक्तिगत
- एचयूएफस्वामित्व और भागीदारी फर्में
- न्यास जिसमें म्यूचुअल फंड/सेबी (म्युचुअल फंड) विनियमन के अंतर्गत पंजीकृत एक्सचेंज ट्रेडेड फंड शामिल हैं
- कंपनियां
- धर्मार्थ संस्थाएँ
- केंद्र सरकार
- राज्य सरकार या केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार के स्वामित्व वाली कोई अन्य संस्था
- योजना के अधीन दो या अधिक पात्र जमाकर्ताओं द्वारा संयुक्त रूप से जमा करने की भी अनुमति है तथा ऐसे मामलों में जमाओं को ऐसे जमाकर्ताओं के नाम से खोले गए संयुक्त जमा खाते में जमा किया जाएगा.
जीएमएस के तहत सोने की न्यूनतम जमा मात्रा 10 ग्राम है जबकि अधिकतम की कोई सीमा नहीं है.
जीएमएस में जमा के प्रकार:
- 1-3 साल की अवधि के लिए शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट (STBD)
- मीडियम टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (MTGD) 5-7 साल की अवधि के लिए
- 12-15 साल की अवधि के लिए लॉन्ग टर्म गवर्नमेंट डिपॉजिट (LTGD)
- केंद्र सरकार की ओर से बैंक द्वारा मध्यम अवधि और दीर्घावधि के तहत जमा स्वीकार किया जाएगा. जबकि खंडित अवधि के लिए भी जमा स्वीकार किए जा सकते हैं.
जीएमएस की ब्याज और भुगतान की दर क्या होगी?
(i) अल्पावधि बैंक जमा (एसटीबीडी):
- 1 वर्ष के लिए 0.50% (वार्षिक ब्याज दर)
- 1 वर्ष से 2 वर्ष तक के लिए 0.60% (वार्षिक ब्याज दर)
- 2 वर्ष से 3 वर्ष तक के लिए 0.75% (वार्षिक ब्याज दर)
(ii) मध्यम अवधि सरकारी जमा: 2.25% प्रति वर्ष
(iii) दीर्घावधि सरकारी जमा: 2.50% प्रति वर्ष
एमटीजीडी और एलटीजीडी के मामले में, मूलधन को सोने में दर्शाया जाएगा. हालांकि, ब्याज का भुगतान 31 मार्च को वार्षिक या परिपक्वता पर संचयी ब्याज के रूप में किया जाएगा. खंडित अवधि के ब्याज का भुगतान परिपक्वता के समय किया जाएगा. ब्याज की गणना जमा के समय रुपए में सोने के मूल्य के आधार पर की जाएगी. जमाकर्ता के पास परिपक्वता पर सालाना साधारण ब्याज या संचयी ब्याज (सालाना चक्रवृद्धि) का भुगतान प्राप्त करने का विकल्प होगा. जमा करते समय विकल्प चुनना होगा.
वहीं, सोने को कच्चे सोने अर्थात गोल्ड बार, सिक्के, पत्थर तथा अन्य धातु के आभूषण को छोड़कर अन्य सभी रूप में स्वीकार किया जायेगा. ग्राहक को आवेदन फार्म, पहचान प्रमाण, पता प्रमाण और इन्वेंटरी फॉर्म जमा करने होंगे. जबकि `स्वर्ण जमा प्रमाणपत्र’ स्वर्ण मुद्रीकरण योजना (जीएमएस) के लिए अधिकृत शाखा द्वारा जारी किया जाएगा. अधिक जानकारी के लिए पीएनबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं या लिंक पर क्लिक कर सकते हैं- https://www.pnbindia.in/gold-monetization-scheme.html.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 09, 2021 05:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

