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भारत में 2021 में 1.77 लाख डेंगू, 237 जीका वायरस के मामले दर्ज किए गए

देश भर में 2021 (5 दिसंबर तक) में डेंगू के 1,77,695 और जीका वायरस के 237 मामले सामने आए हैं, जिसमें 28,945 डेंगू और 152 जीका वायरस के मामलों के साथ उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को लोकसभा में यह जानकारी दी.

भारत में 2021 में 1.77 लाख डेंगू, 237 जीका वायरस के मामले दर्ज किए गए
मच्छर (Photo Credits: Pixabay)

नई दिल्ली, 11 दिसम्बर : देश भर में 2021 (5 दिसंबर तक) में डेंगू के 1,77,695 और जीका वायरस के 237 मामले सामने आए हैं, जिसमें 28,945 डेंगू और 152 जीका वायरस के मामलों के साथ उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को लोकसभा में यह जानकारी दी. मंडाविया ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा, "2021 में चार राज्यों- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल और दिल्ली से जीका वायरस के मामले सामने आए हैं. इनमें से, उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं. कुल 8,627 नमूनों का टेस्ट किया गया, जिनमें से 152 पॉजिटिव पाए गए, जो कि 1.7 प्रतिशत की पॉजिटिविटी दर के बराबर है.

उन्होंने कहा, "सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के माध्यम से जीका वायरस सहित विभिन्न बीमारियों का पता लगाने की निगरानी की जाती है. इसका उद्देश्य वैक्सीन से बचाव योग्य बीमारी सहित कोविड रोगों के प्रकोप का पता लगाना और उनका जवाब देना है. भारत में जीका वायरस के सभी प्रकोपों का पता आईडीएसपी नेटवर्क के माध्यम से लगाया गया है." यह भी पढ़ें : Omicron: ओमिक्रॉन को लेकर मुंबई में बढ़ी चिंता, धारा 144 लागू, रैलियों-जुलूस पर पाबंदी

वर्तमान में, वायरस अनुसंधान और क्लीनिकल प्रयोगशालाओं के 132 सदस्य जेडवीडी निगरानी में लगे हुए हैं. इन प्रयोगशालाओं में पर्याप्त मात्रा में टेस्ट किट उपलब्ध हैं. मंडाविया ने जवाब में कहा कि नवंबर 2021 तक, इस तंत्र के माध्यम से लगभग 1,30,000 मानव सीरम और मूत्र के नमूनों की जांच की जा चुकी है. राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी) डेंगू सहित छह वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एनएचएम की अंब्रेला योजना के तहत राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीवीबीडीसी) द्वारा प्रशासित है.

केंद्रीय टीमों का गठन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा किया जाता है, जब किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा प्रकोप की सूचना दी जाती है. ये टीमें राज्यों को रोग की रोकथाम के लिए सूक्ष्म योजनाएं तैयार करने और उपयुक्त निवारक और नियंत्रण उपायों को स्थापित करने में मदद करती हैं. इस वर्ष, ऐसी मल्टी-डिसीप्लिनरी टीमों को जुलाई में केरल में, अगस्त में महाराष्ट्र में और अक्टूबर में उत्तर प्रदेश में प्रतिनियुक्त किया गया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 11, 2021 10:15 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).