वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की 5वीं प्रेस कांफ्रेंस: मनरेगा, हेल्थ, शिक्षा, बिजनेस को लेकर किए गए बड़े ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़ी पांचवें और अंतिम चरण की घोषणाएं कर रही हैं. पिछले 4 दिनों से वह लगातार इस पैकेज से जुड़ी जानकारियां दे रही हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़ी पांचवें और अंतिम चरण की घोषणाएं कर रही हैं. पिछले 4 दिनों से वह लगातार इस पैकेज से जुड़ी जानकारियां दे रही हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, पिछले दो दिनों की घोषणाओं में कई सुधार रहे हैं जिसमें जमीन, मजदूर, लिक्विडिटी और कानून को संबोधित किया गया है. आज हम उसी श्रृंखला में आगे बढ़ेंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मंत्री ने कहा था कि आपदा को अवसर में बदलने की जरूरत है. उसी के मुताबिक ये आर्थिक पैकेज तैयार किया गया है.
वित्त मंत्री ने कहा कि इस पैकेज में लैंड, लेबर, लॉ, लिक्विडिटी पर जोर दिया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहाकि पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर कैश का किया गया. इसके तहत 8.19 करोड किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये दिए गए हैं. वित्त मंत्री ने ऐलान किया, मनरेगा के लिए 40,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है. इससे अपने गांव लौट रहे प्रवासी मजदूरों को रोजगार मिलेगा. पहले मनरेगा का बजट 61 हजार करोड़ रुपये था, अब इसमें 40 हजार करोड़ का इजाफा किया गया है.
गरीबों को आर्थिक मदद
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि गरीबों को खाना मुहैया करा रहे हैं. इसके अलावा कैंप में रह रहे लोगों तक भी मदद पहुंच रही है. गरीबों तक फौरन आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि कुल 20 करोड़ जनधन खातों में पैसे डाले गए हैं. जरूरतमंदों को सीधे कैश पहुंचा रहे हैं. 16,394 करोड़ सीधे खाते में ट्रांसफर किये गए. 6.81 करोड़ उज्जवला सिलेंडर बांटे गए.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण ने मौजूदा तकनीक का इस्तेमाल किया और इसलिए नकदी का डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर कर पाए. 2,000 रुपये की एक बार नकदी ट्रांसफर 8.19 करोड़ किसानों तक पहुंची है और इसकी कुल लागत 16,394 करोड़ है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, दालें भी 3 महीने पहले एडवांस में दे दी गईं. मैं FCI, NAFED और राज्यों के ठोस प्रयासों की सराहना करती हूं जिन्होंने लॉजिस्टिक की इतनी बड़ी चुनौती के बाद भी इतनी ज्यादा मात्रा में दालें और अनाज बांटा.
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया, नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम जो वृद्ध, अपंग और विधवाओं के लिए शुरू किया गया था उसके तहत 2 करोड़ 81लाख लाभार्थियों को 2,807करोड़ रुपए अब तक ट्रांसफर कर दिया गया है. इसमें कुल 3000 करोड़ ट्रांसफर करना था.
स्वास्थ्य के लिए सरकार की सौगात
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, देश के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए माननीय प्रधानमंत्री ने 15000 करोड़ की योजना की घोषणा की थी जिसमें से 4113 करोड़ राज्यों को दे दिया गया है. आवश्क वस्तुओं पर 3750 करोड़ खर्च किया गया. टेस्टिंग लैब्स और किट्स पर 505 करोड़ खर्च किया गया.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, आज हमारे पास PPE के 300 से ज्यादा घरेलू निर्माता हैं, इस महामारी के आने से पहले हमारे पास PPE का 1 भी निर्माता नहीं था. हम पहले ही 51 लाख PPE और 87 लाख N95 मास्क की आपूर्ति कर चुके हैं और 11.08 करोड़ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट की आपूर्ति कर चुके हैं.
वित्त मंत्री ने बताया कि आईटी का उपयोग करते हुए ईस्ट संजीवनी कंसल्टेंसी सर्विस की शुरुआत की गई. आरोग्य सेतु ऐप को करोड़ों लोगों ने डाउनलोड किया. भीम ऐप की तरह ये भी लोगों को बहुत लाभकारी है.
ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ावा
वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन एजुकेशन का इस्तेमाल किया गया है. सरकार ऑनलाइन लर्निंग पर पूरा ध्यान दे रही है. इस सिलसिले में सरकार पहले क्लास से लेकर 12वीं क्लास तक के लिए एक एक चैनल लॉन्च करेगी. यानी कि हर क्लास के लिए एक चैनल होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 200 नई पाठ्यपुस्तकें ई-पाठशाला में जोड़ी गईं.
वित्त मंत्री ने कहा, स्वयंप्रभा डीटीएच चैनल में पहले 3 थे, उसमें 12 और नए चैनल जोड़े जा रहे हैं. लाइव इंटरएक्टिव चैनल जोड़े जा सकें इसलिए भी काम किया जा रहा है. राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे 4 घंटे का कंटेट दें, जिसे लाइव चैनलों पर दिखाया जा सके.
चौथी किश्त में हुए ये ऐलान-
शनिवार को वित्त मंत्री ने चौथी किश्त का ऐलान किया जिसमें कोयला, रक्षा विनिर्माण, विमानन, अंतरिक्ष, बिजली वितरण आदि क्षेत्रों में रिफॉर्म पर जोर रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने COVID-19 से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज इसी पैकेज की पांचवीं किस्त का ब्योरा दे रही हैं.
इससे पहले शनिवार को आर्थिक पॅकेज की चौथी किश्त में वित्त मंत्री ने ऐलान किया था कि देश को कोयला उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा. इसके लिए रेवेन्यू शेयरिंग के आधार पर खनन का कॉमर्शियल लाइसेंस दिया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि कोयला क्षेत्र से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए लगभग 50,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
वित्त मंत्री ने शनिवार को घोषणा की थी, रक्षा उत्पादन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को 49 फीसद से बढ़ाकर 74 फीसद किया जाएगा. इसके अलावा देश को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'मेक इन इंडिया' पर जोर दिया जाएगा. ऐसे हथियारों और प्लेटफॉर्म की सूची जारी की जायेगी, जिनका आयात प्रतिबंधित होगा. इन्हें भारत में ही खरीदा जा सकेगा.
वित्त मंत्री ने ऐलान किया था, यात्री उड़ानों के लिये भारतीय वायु क्षेत्रों पर लगी पाबंदियों में ढील दी जायेगी, इससे ईंधन और समय की बचत होगी. पाबंदियों में ढील से विमानन क्षेत्र को एक साल में एक हजार करोड़ रुपये का लाभ होगा. 12 हवाई अड्डों में निजी कंपनियों से 13 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश मिलेगा.
इसके अलावा वित्त मंत्री ने घोषणा की थी, उपग्रहों, प्रक्षेपणों और अंतरिक्ष-आधारित सेवाओं समेत भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में निजी कंपनियों को भगीदारी के अवसर मिलेंगे. केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का निजीकरण किया जाएगा. अस्पतालों समेत सामाजिक बुनियादी संरचना के विकास में वीजीएफ में सरकार की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत, इससे 8,100 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2020 11:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

