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ईडी ने शिवसेना के मंत्री अनिल परब और सांसद भावना के ठिकानों पर की छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिवसेना पर दबाव बनाते हुए सोमवार को शिवसेना के वरिष्ठ परिवहन मंत्री अनिल परब और पांच बार लोकसभा सांसद रह चुकी भावना पी. गवली के कई ठिकानों पर छापेमारी की. सूत्रों ने यह जानकारी दी.

ईडी ने शिवसेना के मंत्री अनिल परब और सांसद भावना के ठिकानों पर की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (Photo Credits: IANS)

मुंबई, 31 अगस्त : प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने शिवसेना पर दबाव बनाते हुए सोमवार को शिवसेना के वरिष्ठ परिवहन मंत्री अनिल परब और पांच बार लोकसभा सांसद रह चुकी भावना पी. गवली के कई ठिकानों पर छापेमारी की. सूत्रों ने यह जानकारी दी. ईडी की छापेमारी से एक दिन पहले ही परब को 31 अगस्त को एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस दिया गया था, लेकिन उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेंगे. दूसरी ओर, गवली ने कहा कि उन्हें अब तक ईडी का कोई नोटिस नहीं मिला है. एजेंसी ने वाशिम जिले में उनसे जुड़े लगभग आधा दर्जन स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें कुछ ट्रस्ट, एक कॉलेज तथा सामाजिक और व्यावसायिक संगठन शामिल हैं.

जहां पाटिल शिवसेना अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी हैं, वहीं गवली संसद के निचले सदन में पार्टी की एकमात्र महिला चेहरा हैं, जो वाशिम से दो बार और वाशिम-यवतमाल निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार चुनी जा चुकी हैं. परब ने कहा, यह (ईडी नोटिस) एक कानूनी मामला है. हम इससे कानूनी रूप से निपटेंगे. केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मंत्री नारायण राणे को गिरफ्तार किए जाने के एक सप्ताह बाद ईडी की ओर से यह कार्रवाई सामने आई है. राणे को अपनी आशीर्वाद यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के बाद गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई. यह भी पढ़ें : Maharashtra: BJP-MNS के प्रदर्शन पर सीएम उद्धव ठाकरे की दो टूक, बोलें- केंद्र ने ही कोरोना की तीसरी लहर के चलते भीड़ रोकने के लिए कहा है

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए, शिवसेना सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि ईडी द्वारा जारी नोटिस कोई डेथ वारंट नहीं है, बल्कि राजनीतिक कार्यकतार्ओं के लिए तो यह एक लव लेटर (प्रेम पत्र) के समान है. राउत ने मीडियाकर्मियों से कहा, महा विकास अघाड़ी सरकार की दीवार को तोड़ने के कई असफल प्रयासों (विपक्षी भाजपा द्वारा) के बाद केवल ऐसे प्रेम पत्रों की आवृत्ति बढ़ी है, जो मजबूत और अभेद्य बनी हुई है. हम इससे डरते नहीं हैं. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि इस तरह के नोटिस और छापे गैर-भाजपा दलों द्वारा शासित राज्यों के खिलाफ एक स्पष्ट राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम हैं.

मलिक ने कहा, कुछ भाजपा नेता पहले ही कह देते हैं कि अमुक नेता को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और केंद्रीय एजेंसियां काम करना शुरू कर देंगी. ईडी के बारे में पूरे भारत में लोगों के मन में एक मजबूत संदेह है और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में कुछ टिप्पणियां की हैं. उन्होंने बताया कि कैसे जब अन्य दलों के नेता भाजपा में शामिल होते हैं, तो उनके खिलाफ सभी कार्रवाइयां छोड़ दी जाती हैं और दोहराया कि एमवीए गठबंधन इस तरह की रणनीति से नहीं झुकेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 31, 2021 04:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).